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बैंकों का नहीं होने देंगे विलय, होगा हर संभव विरोध

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 11:39pm

पटना। बैंकों का विलय नहीं होने देंगे। हर संभव विरोध होगा। बैंकों के विलय से बैंक कर्मियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। यह मुद्दा शनिवार को भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के पटना सर्किल के त्रैवार्षिक अधिवेशन में छाया रहा। इस अधिवेशन ने देश के सभी 16 सर्किल सर्किल के अध्यक्ष और महासचिव भाग लिए। पटना सर्किल के महासचिव अजित कुमार मिश्र और अध्यक्ष कमलाकर मिश्र ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। सम्मेलन में बिहार-झारखंड के तीन हजार से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। दो मिनट मौन रखकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।

सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह ने कहा कि बैंक अधिकारियों की समस्या के साथ हम खड़े रहेंगे। बैंकों के कारण 32 करोड़ जनधन खाता खुले हैं। ये ऐसे लोग हैं कि कभी बैंकों की देखे भी नहीं थे। आप लोगों के कारण प्रधानमंत्री का यह सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जागरुकता की तरह वित्तीय जागरुकता फैलाने की जरूरत है। आने वाला समय बेहतर होगा।

इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक संदीप तिवारी ने कहा कि बैंक अधिकारियों को तकनीक में बदलाव के साथ अपने आप में बदलाव लाना होगा। आश्वासन दिया कि अप्रैल माह के बाद बैंक अधिकारियों को प्रोन्नति दी जाएगी। इस अवसर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडियन ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव राज कुमार सभापति ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीति के कारण बैंक का ऋण लेकर पूंजीपति नहीं दे रहे हैं। एनपीए बढ़ते जा रहा है। मैनपावर की की कमी के कारण कार्य बोझ बढ़ गया है। इस अवसर पर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कॉन्फेडरेशन के महासचिव सौम्या दत्ता ने कहा कि राजनीतिकरण के कारण बैंकों की स्थिति दयनीय होते जा रही है। पारिवारिक पेंशन लागू की जाए। पेंशन की राशि बढ़ाई जाए। बैंक अधिकारियों के वेतनमान में सुधार लाया जाए। सम्मेलन में वेतन पुनरीक्षण, सुनिश्चित कार्यावधि, पेंशन पुनरीक्षण, आश्रितों को नौकरी, एसोसिएशन के नेताओं की प्रताड़ना पर रोक लगाने की मांगें उठी। केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य अरिजित बोस, अनिल कुमार यादव, शिवाधार लाल, अमरेश विक्रमादित्य आदि ने भाग लिया।

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रैली में लीजिए भाग, मोदी को फिर बनाइए पीएम

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 11:29pm

पटना। तीन मार्च को गांधी मैदान में होने वाली संकल्प रैली सभी रैलियों से बड़ी होगी। राज्यभर के युवा बड़ी संख्या में इस रैली में पहुंचेंगे। नरेंद्र मोदी को पुन: प्रधानमंत्री बनाएंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक नितिन नवीन ने उक्त बातें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय से शनिवार को जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के दौरान कहीं।

इस अवसर पर भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तीन मार्च को गांधी मैदान में होने वाली संकल्प रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। रथ भ्रमण कर रैली में आने का आमंत्रण देगा। अपील किया कि नरेंद्र मोदी को पुन: प्रधानमंत्री बनाने के लिए रैली में भाग लें। उन्होंने कहा कि रैली के एक दिन पहले बिहार के सभी जिलों में मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। कमल संदेश मोटरसाइकिल रैली में हजारों की संख्या में युवा भाग लेंगे।

नितिन नवीन ने कहा कि संकल्प रैली सभी रैलियों का रिकॉर्ड तोड़ देगी। राज्यभर से बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे। छात्रों और युवाओं में प्रधानमंत्री को देखने का उत्साह दिख रहा है। नरेंद्र मोदी पुन: प्रधानमंत्री बनकर भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना साकार करेंगे। यह रथ पटना में भ्रमण करेगा। राज्य के सभी जिलों में भाजयुमो का एक-एक रथ भ्रमण करेगा। कार्यकर्ता स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। 26 फरवरी को सभी जिलों में भाजयुमो की बैठक होगी। संकल्प रैली को सफल बनाने की रणनीति तय होगी। मोर्चा के सभी मंडल शक्ति केंद्र के कार्यकर्ता, कमल क्लब के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता पटना पहुंचेंगे।

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एनआइटी 'एंट्रेप्रेनेरिया' में टीम रसोई ने मारी बाजी

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 11:23pm

पटना। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) में शनिवार को 'एंट्रेप्रेनेरिया' में छात्रों ने अपनी उद्यमिता व व्यापार कौशल का प्रदर्शन किया। फाइनल में सात टीमें पहुंचीं, जिसमें 'टीम रसोई' को प्रथम स्थान मिला। टीम 'किसान जन सेवा' और टीम 'ग्रीन थंब' क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर रहीं। इन तीनों टीमों के बिजनेस प्लान को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें कॉलेज के इंक्यूबेशन सेंटर में मार्गदर्शन व आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निर्णायक के रूप में अरबाब अशरफ (मैनेजिंग ट्रस्टी यूथ फाउंडेशन ऑफ इंडिया), डॉ. सम्राट मुखर्जी, फैकल्टी तथा डॉ. भारत गुप्ता शामिल थे। व्यापार प्रारूप प्रस्तुति के बाद प्रश्न-उत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। रसोई टीम में देवाशु व अभिनव, किसान जन सेवा टीम में रजनीश, अखिल व प्रियाश, द ग्रीन थंब टीम में अतुल, अमन व इंशा, गेट योर बुक टीम में निरंजन, सौरव व राकेश ने प्रेजेंटेशन दिया। फाइनल में पहुंची आठ टीमों में प्रथम तीन को प्राइज तथा शेष को टीम को सर्टिफिकेट दिया गया। 'गेट योर बुक' की टीम पिछले तीन माह से पुरानी किताबों को जरूरतमंद तक पहुंचा रही है। स्टार्टअप को दिला रहे मंजिल: वक्ताओं ने कहा कि ई-सेल, एनआइटी के माध्यम से स्टार्टअप को मंजिल मिल रही है। इससे जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद मिल रही है। इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज डॉ. भरत गुप्ता ने कहा कि ई-सेल, एनआइटी पटना ने छात्र, काम करने वाले पेशेवर, उद्यमियों, निवेशकों, उद्यम कंपनियों आदि को देश में उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में मदद कर रहा है। इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए पिछले तीन वर्षो से उद्यमिता को पुनर्जागृत किया जा रहा है। आयोजन में रही इनकी भूमिका: कार्यक्रम का आयोजन रजत वल्लभ (को-ऑर्डिनेटर), ईशा (को-कोऑर्डिनेटर) और शाश्वत (सीओ-कोऑर्डिनेटर) के नेतृत्व में हुआ। मंच का संचालन आयूषी और शुभिक्षा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिनाव, देवांशु, आर्यन, शिखर, यश, शांभवी, केतकी, आलोक, राकेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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पीएमसीएच का 69 बैच हर साल एक टॉपर को देगा गोल्ड मेडल

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 10:06pm

पटना। पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के 1969 बैच के छात्रों ने गोल्डन जुबली समारोह मनाया। इसके साथ ही पीएमसीएच का स्थापना दिवस समारोह शुरू हो गया। इस दौरान 24 को सेमिनार एवं 25 को मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शनिवार के समारोह में 69 बैच के 100 से ज्यादा छात्र शामिल हुए, जो वर्तमान में देश व दुनिया के विभिन्न मुल्कों में काम कर रहे हैं।

समारोह में आए अतिथियों का स्वागत एलुमिनाई एसोसिएशन के संयोजक डॉ. सच्चिदानंद ने किया। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच का चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। न केवल देश में, बल्कि दुनियाभर में काफी आदर के साथ चिकित्सक पीएमसीएच का नाम लेते हैं। उन्होंने कहा कि 69 बैच के नाम पर पीएमसीएच के एक टॉपर छात्र को प्रतिवर्ष गोल्ड मेडल दिया जाएगा। इस बैच के लोग शहीदों को आर्थिक मदद भी देंगे। इस अवसर पर पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. रामजी प्रसाद सिंह ने कहा कि पीएमसीएच में रिसर्च पर विशेष जोर दिया जाएगा। अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पीएमसीएच आम जनता का अस्पताल है। यहां पर गरीब एवं अमीर सभी तबके के लोगों का इलाज किया जाता है, यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। शाम में कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्रों के स्वागत में 2015 बैच के छात्रों ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मौके पर पीएमसीएच एलुमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सत्यजीत सिंह, पद्मश्री डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा, डॉ. डीके चौधरी सहित कई लोगों ने भाग लिया।

1965 बैच का मिलन समारोह आज

पीएमसीएच के 1965 बैच के पूर्ववर्ती छात्रों का मिलन समारोह रविवार को बांकीपुर क्लब में मनाया जाएगा। इसमें देश-विदेश से आए डॉक्टर शामिल होंगे।

स्थापना दिवस समारोह 25 को

पीएमसीएच का स्थापना दिवस समारोह 25 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए भव्य तैयारी की गई है। समारोह में 54 छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा।

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बिहार के DGP ने पुलिस अफसरों को चेताया, कहा- तो फिर छोड़ेंगे नहीं, जेल भेजेंगे

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 9:49pm

पटना [जेएनएन]। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय इन दिनों पूरे एक्शन में हैं। उन्होंने शनिवार को जिलों के पुलिस कप्तानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की। उन्होंने कई निर्देश देते हुए कहा कि डीएसपी और एसडीपीओ को फील्ड में घूमने का निर्देश दें। ऐसा नहीं करने वाले अफसरों पर कार्रवाई करेंगे। लापरवाह अफसरों को नहीं छोड़ेंगे। वैसे अफसरों को जेल भी भेजेंगे। 

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने महाशिवरात्रि, होली और लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर शनिवार को फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों से वीसी के जरिए बात की। उन्होंने सभी 40 पुलिस जिलों के साथ बात की। इसमें रेल पुलिस जिला भी शामिल थे। 

उन्होंने फील्ड में नहीं निकले वाले डीएसपी व एसडीपीओ को चेतावनी दी। वसंत पंचमी पर बगैर अनुमति डीजे बजाने को लेकर रोक के सख्त निर्देश का उल्लंघन किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि महाशिवरात्रि, होली और लोकसभा चुनाव बाद मई में तीनों बड़े आयोजन की समीक्षा की जाएगी। पुलिस मुख्यालय एक-एक एसडीपीओ के कामकाज और कार्यप्रणाली को परखेगा। 

उन्होंने कहा कि समीक्षा में लापरवाही उजागर होने के बाद सीधे निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। घोर लापरवाही के मामले में जेल भी भेजे जाएंगे। उन्होंने पुलिस कर्मियों द्वारा पेट्रोलिंग में कोताही बरतने, फील्ड में निकलने और जनता से संवाद कायम करने के बजाए अमर्यादित व्यवहार करने पर चिंता प्रकट की। 

वीसी के दौरान एडीजी पुलिस मुख्यालय कुंदन कृष्णन,एडीजी सीआइडी विनय कुमार, एडीजी ईओयू एवं स्पेशल ब्रांच जितेंद्र सिंह गंगवार के अलावा पुलिस मुख्यालय के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएं त्योहार

डीजीपी ने शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार संपन्न कराने के लिए असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। कहा कि लोगों में यह संदेश जाना चाहिए कि कानून का पालन कराना पुलिस का काम है, इसे कोई अपने हाथ में नहीं ले। कहा कि उन सभी स्थानों पर विशेष नजर रखें, जो त्योहार की दृष्टि से संवेदनशील हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन सभी उपायों पर अमल करें, जो जरूरी हैं। 

अफवाह पर ध्यान न दें

सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर एहतियाती कदम उठाने का निर्देश देते हुए डीजीपी ने कहा कि जिलों में कंट्रोल रूम व्यवस्था को चाक-चौबंद रखें। कानून के संबंध में लोगों को जागरूक करें। ग्रामीण सूचनाओं के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और चौकीदारों का सहयोग लेने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अफवाह पर रोकथाम के लिए भी उन्होंने निर्देश दिए। साइबर थानों को भी अलर्ट रहने को कहा।

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अलकतरा घोटाला: सजा के बाद मुश्किल में इलियास, परिवार में अब विरासत की लड़ाई

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 9:48pm

पटना [जेएनएन]। पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन अलकतरा घोटाले में सजा मिलने के बाद चुनावी राजनीति से अलग हो गए हैं। लेकिन उनके परिवार में विरासत की लड़ाई नए सिरे से शुरू हो सकती है। यह लड़ाई डिहरी विधानसभा क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए होगी। 

जदयू में शामिल है पुत्री

इलियास विधानसभा में इस क्षेत्र का छह बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। क्षेत्र की विरासत संभालने के लिए उनकी धर्मपत्नी के अलावा पुत्र और पुत्री भी प्रयास में हैं। उनकी एक पुत्री साल भर पहले जदयू में शामिल हो गईं।जबकि, पुत्र और पत्नी को राजद की उम्मीदवारी का भरोसा है। वैसे राजद में दूसरे लोग भी टिकट की कतार में हैं। 

2015 में महागठबंधन से जीते थे

2015 के विधानसभा चुनाव में इलियास जदयू और कांग्रेस की मदद से चुनाव जीते थे। वे महागठबंधन के उम्मीदवार थे। एनडीए में यह सीट रालोसपा के खाते में थी। रालोसपा एनडीए से बाहर है। इसके चलते यह सीट जदयू के खाते में जा सकती है।  

22 साल पुराने मामले में हुई सजा

22 साल पुराने अलकतरा घोटाला मामले में संयुक्त बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन सहित सात अभियुक्तों को कोर्ट ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही, 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्र की अदालत ने सजा सुनाई है। मामला 1. 57 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाले का है। 

1997 में दर्ज हुआ केस 

मामले में सीबीआइ ने वर्ष 1997 में कांड संख्या-आरसी-2/97 दर्ज किया था। इसमें बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन सहित सात लोगों को आरोपित किया गया था। घोटाले में बिहार के पूर्व मंत्री मो इलियास हुसैन, मंत्री के सचिव साहबुद्दीन बेग, खरीद एवं परिवहन विभाग के निदेशक केदार पासवान, उपनिदेशक मुजताबा अहमद, कार्यपालक अभियंता रामानंद राम, सेक्शन पदाधिकारी शोभा सिन्हा एवं ट्रांसपोर्टर आपूर्तिकर्ता डीएन सिंह को आरोपित किया गया था। 

जानें, क्या है मामला 

वर्ष 1994 में रोड डिवीजन द्वारा चतरा में सड़कों का निर्माण किया जा रहा था। इसके लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी कोलकाता से अलकतरा आना था़ लेकिन, मंत्री और इंजीनियरों ने कंपनी से साठ गांठ कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। 

सीबीआइ जांच में मिला सबूत

सीबीआइ जांच में सरकार को नुकसान पहुंचाने के सबूत मिले थे। 3266 मीट्रिक टन अलकतरा अवैध तरीके से बेच दिया गया़ जिसकी कीमत उस समय 1.57 करोड़ रुपये थी़ झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी इलियास हुसैन की जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट ने अलकतरा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल के विधायक इलियास हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति आनंद सेन ने इलियास हुसैन की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि भ्रष्टाचार का यह बहुत गंभीर मामला है।

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NDA में JDU की स्वतंत्र पहचान बताते रहते हैं नीतीश कुमार, जानिए मामला

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 7:12pm

पटना [अरुण अशेष]। संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने की किसी कोशिश का विरोध कर जदयू ने साफ कर दिया है कि वह अपनी स्वतंत्र राजनीतिक हैसियत को लेकर सतर्क है। यह अलग बात है कि जदयू के इस रुख का कोई असर भाजपा के रिश्ते पर नहीं पडऩे जा रहा है। साझे में सरकार भी चल रही है। लोकसभा चुनाव भी साथ लड़े जाएंगे। सबकुछ साझा होगा, लेकिन, विवादास्पद मुद्दों पर जदयू समझौता नहीं करेगा। इसकी रह-रहकर नीतीश कुमार याद दिलाते रहते हैं। यह मूल एनडीए का करार है। वह अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के समय एनडीए के घटक दलों के बीच हुआ था। 

नहीं कर सकते हैं कुछ मुद्दों पर समझौता

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद केसी त्यागी कहते हैं- आज के दौर में जदयू समाजवादी विचारधारा की अंतिम पार्टी है। हमारे अपने सिद्धांत हैं। उनके प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। इनसे समझौता नहीं किया जा सकता है। एनडीए का गठन कांग्रेस को सत्ता में आने से रोकने के लिए किया गया था। उस समय विभिन्न दलों के अन्य एजेंडे शिथिल कर दिए गए थे। आज भी इस नीति में बदलाव नहीं आया है। 

धारा 370 ही क्यों?

धारा 370 ही क्यों? भाजपा के कई घोषित एजेंडे का जदयू विरोध करता रहा है। राम मंदिर, तीन तलाक, समान नागरिक कानून और असमी नागरिकता का सवाल-ये ऐसे विषय हैं, जिन पर जदयू का रुख भाजपा से सिर्फ अलग ही नहीं, उसके विरोधियों के समकक्ष रहा है। असम के मामले में तो जदयू दो कदम आगे बढ़ कर असम गण परिषद के साथ खड़ा है, जो भाजपा से अपना समर्थन वापस ले चुका है। अगप के नेताओं से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अच्छे रिश्ते हैं। 

यह स्वतंत्र पहचान बनाए जाने की जिद थी

भाजपा से गहरी दोस्ती के समय भी जदयू ने राष्ट्रपति चुनाव के समय उसके उम्मीदवार का विरोध किया था। यह स्वतंत्र पहचान को बनाए रखने की जिद थी कि राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद के निर्वाचन के समय जदयू ने उनके पक्ष में मतदान किया। जबकि, उस समय जदयू महागठबंधन का हिस्सा था। पूर्व सांसद मीरा कुमार कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। राज्य में कांग्रेस की मदद से सरकार चल रही थी। जदयू ने मीरा कुमार के पक्ष में मतदान नहीं किया। 

नोटबंदी का समर्थन, सब चौंक गए थे

जदयू ने नोटबंदी का समर्थन कर सबको चौंका दिया था। उस दौर में भाजपा विरोधी सभी पार्टियां नोटबंदी का विरोध कर रही थीं। राज्य में महागठबंधन की सरकार का नेतृत्व करने के कारण नीतीश कुमार भी इसी खेमे में थे। लेकिन, उन्होंने नोटबंदी पर भाजपा की लाइन का समर्थन किया। इसी तरह पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के पक्ष में भी वह खड़े हुए। 

नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं

बेशक, नीतीश कुमार भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बने। फिर भी सरकार पर कभी भाजपा का घोषित एजेंडा लागू नहीं हो पाया। कब्रिस्तानों की घेराबंदी हो या अल्पसंख्यकों के कल्याण की विशेष योजनाएं, नीतीश के किसी फैसले में भाजपा ने अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का राग नहीं अलापा। यह शायद इसलिए भी संभव हो पाया, क्योंकि राज्य सरकार की ज्यादा योजनाएं किसी खास वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सबके लिए हैं। शमशान के साथ साथ कब्रिस्तान की भी घेराबंदी कराई गई।

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मांझी का बड़ा आरोप: कांग्रेस के कारण महागठबंधन की सीट शेयरिंग में हो रही दिक्‍कत

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 5:29pm

पटना [जेएनएन]। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने एक बार बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर हो रही प्रॉब्लम के लिए कांग्रेस को जिम्‍मेवार ठहराया है। मांझी शनिवार को रांची में थे और रिम्स में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। हालां‍कि रिम्‍स से निकलने के बाद उनके चेहरे पर निराशा थी और उस समय मीडिया से बात नहीं की। लेकिन बाद में उन्‍होंने बात की तो कांग्रेस पर अपना ठीकरा फोड़ दिया। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लालू यादव ने सम्मानजनक सीटें देने का भरोसा दिया है। राजद सुप्रीमो ने तेजस्वी यादव और अखिलेश प्रसाद सिंह को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये हैं।  

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के कारण सीटों के बंटवारे में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अधिक सीटें मांग रही है। लेकिन लालू यादव ने हम पार्टी को नजरअंदाज नहीं करने का भरोसा दिया है। 

मांझी ने कहा कि लालू यादव ने अपने बेटे तेजस्वी यादव और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह को फोन कर कहा है कि इसी सप्ताह सीट शेयरिंग पर फैसला कर लें। उन्होंने सम्मानजनक सीट देने की बात कही है। वहीं सूत्रों की मानें तो मांझी महागठबंधन में चार सीटें मांग रहे हैं। 

गौरतलब है कि मांझी पिछले कई दिनों से महागठबंधन में नाराज चल रहे हैं। वे लगातार कह रहे हैं कि रालोसपा और विकासशील इंसान पार्टी से वे कम सीटें नहीं लेंगे। हम पार्टी का कद कांग्रेस के बराबर है। रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा और वीआइपी पार्टी के मुकेश सहनी तो हाल में महागठबंधन में आए हैं। ऐसे में उनसे अधिक सीटें हम पार्टी को मिलनी चाहिए। इसी सब मुद्दों को लेकर मांझी शनिवार को लालू यादव से मिलने रांची गए हुए थे। 

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निरहुआ पर चढ़ा होली का रंग, कहा- आवा ऐ आम्रपाली निरहुआ रंग डाली- Video Viral

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 5:05pm

पटना, जेएनएन। भोजपुरी सिनेमा की सुपरहिट जोड़ी दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे अपने फैन्स के लिए होली त्योहार पर जबरदस्त तोहफा लेकर आए हैं।  निरहुआ  और आम्रपाली की जोड़ी का भोजपुरी सॉन्ग  यूट्यूब पर जमकर धूम मचा रहा है। गाने के बोल हैं  'आवा ऐ आम्रपाली निरहुआ रंग डाली एक बार फिर से सोशल मीडिया पर खूब देखा और सुना जा रहा है।

इस भोजपुरी वीडियो में दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे  की नोक-झोंक बहुत ही कमाल की है, जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं और यह वीडियो बार-बार देखा जा रहा है। 

दरअसल, भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ और यूट्यूब क्वीन आम्रपाली दुबे का यह सॉन्ग 'आवा रे आम्रपाली निरहुआ रंग डाली' होली अल्बम से है। इस गाने को निरहुआ और आम्रपाली दुबे ने गाया है।

होली के इस चटपटे भोजपुरी गाने का म्यूजिक ओम झा ने दिया है। होली के इस गाने में निरहुआ और आम्रपाली दुबे का डांस भी कमाल है, और दोनों शानदार लग रहे हैं।  

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बिहार के प्रवासी उद्यमियों ने कहा-दूसरे देश को चमकाएं है, अब घर की बारी है

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 4:02pm

पटना, जेएनएन। छठा बिहार उद्यमिता सम्मेलन सह बिहार प्रवासी सम्मेलन-2019 में जुटे प्रवासी बिहारी ने राज्य के विकास में अपनी-अपनी भागीदारी पर मंथन किया। देश-विदेश से जुटे उद्यमियों से श्रम संसाधन विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि निवेश का मतलब बड़ी राशि से नहीं है, जो जिस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, उसी में अपने गांव व जिले के लोगों का मार्गदर्शन कर उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं।

राज्य में घनी आबादी और कृषि युक्त भूमि होने के कारण उद्योगपतियों को उनकी इच्छा के अनुसार जमीन उपलब्ध कराने में सरकार असमर्थ है। बावजूद सरकार अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

निवेश करने पर देश में सबसे ज्यादा छूट बिहार में ही कारोबारियों को मिल रहा है। इसका लाभ अपने लोगों को उठाने पर राज्य सरकार को भी खुशी होगी। इसका आयोजन बिहार उद्यमी संघ, इंटरप्नोयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, बिहार इंटरप्नोयर एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से किया। बिहार उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन 2014 से किया जा रहा है। 

बिहार करवट ले रहा है, सभी मिलकर बदलेंगे तस्वीर

नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा की राज्य के उत्थान के लिए सरकार और उद्यमियों को साथ-साथ काम करना होगा। बिहार करवट ले रहा है। सभी मिलकर वास्तविक गौरव को लौटाएंगे। राज्य के उत्थान के लिए सबको आगे आना होगा।

कारोबार के लिए बाजार, बिजली, पानी, सड़क आदि उपलब्ध है। अब निवेश आना निश्चित है। इसका लाभ प्रवासी बिहारी उठाएं। बिहार उद्यमी संघ के महासचिव अभिषेक सिंह ने कहा कि बीईए राज्य में हाशिए पर पड़े समुदायों के उत्थान के लिए प्रयत्नशील रहा है। इस बार कृषि, स्वास्थ, शिक्षा की बेहतरी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर काम किया जा रहा है। 

24 घंटे काम का है राज्य में माहौल 

 डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि राज्य में काम करने का 24 घंटे माहौल है। कारोबारी बेखौफ होकर अपना व राज्य का विकास करें। किसी डरने की जरूरत नहीं है। राज्य में निवेश का बेहतर माहौल है। निवेश स्थल पर किसी तरह की परेशानी होने पर पुलिस प्राथमिकता के साथ सहयोग करेगी। 

दूसरे देश को चमकाएं है, अब घर की बारी है

भवन निर्माण विभाग मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि प्रवासी बिहारी अपनी कर्मभूमि को चमकाने में सफल रहे हैं। अब मातृभूमि को चमकाने की बारी है। राज्य सरकार भी उद्यमियों के सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार है। ढांचागत सुविधाएं अब राष्ट्रीय स्तर की है। कृषि, शिक्षा, सेवा आदि क्षेत्र में निवेश की काफी संभावना है।  

उद्यमियों ने साझा किया अनुभव 

ओमान के स्टील व्यवसायी दीपक ठाकुर ने कहा कि दुनिया के हर देश में सीईओ, डायरेक्टर, मैनेजर और मजदूर भी बिहारी हैं। खास बात यह है कि बिहारी जहां और जिस क्षेत्र में हैं, वहां उनका वर्चस्व है। इस मिट्टी में इतना दम है कि बिहारी जिस जगह जाता है सोना निकालता है। लेकिन, राज्य में हम सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।

कारखाना, कंपनी, स्कूल, कॉलेज की स्थिति दयनीय होने पर विमर्श करना चाहिए। उन्होंने कार्य के लिए एक जिला चिह्नित कर मांगा। आइटी कंपनी स्थापित करेंगे। दोहा, कतर निवासी शक्ति अहमद ने कहा कि युवा पीढ़ी रोजगार की तलाश में राज्य छोडऩे को मजबूर हैं। यह पीड़ादायक है।

सऊदी अरब के व्यवसायी रहमान ने कहा आलोचना को सिर्फ नकारात्मक नजरिये से नहीं लेना चाहिए। आलोचना से सीखकर लेकर ही प्रवासी बिहारी परचम फहरा रहे हैं। रहमान ने कहा कि बिहार में रोड और बिजली की स्थिति अभी सही है। इसका लाभ राज्य को जरूर मिलेगा। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रो. राकेश रंजन, प्रेम गुप्ता आदि ने भी विचार रखें।

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बिहार: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की गवाह लड़कियों के फरार मामले पर सियासत तेज

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 3:58pm

पटना [जेनएनएन]। बिहार में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में गवाह लड़कियों के फरार होने के बाद जहां प्रशासन सकते में हैं, वहीं इस पर अब सियासत भी तेज हो गई है। विरोधी नीतीश सरकार को घेरने में लग गए हैं। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने करारा हमला किया है। वहीं सत्ता पक्ष कानून के राज की दुहाई दे रहा है और कह रहा है कि कोई नहीं बचेगा।  

बता दें कि बिहार में शनिवार को उस समय सनसनी मच गई, जब पता चला कि पटना के मोकामा स्थित बालिका सुधार गृह से सात लड़कियां भाग गई हैं। प्रशासन के होश तब उड़ गए जब यह बात सामने आई कि फरार सात लड़कियों में से पांच मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में गवाह हैं। जानकारी मिलते ही पटना के डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू हुई। लेकिन इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। 

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की गवाह बचीं 7 बच्चियों को भी ग़ायब किया गया। सत्ता शीर्ष पर बैठे किस शख्स को बचाने की साजिश हो रही है? पीड़ित बच्चियां अभी भी क्यों सुरक्षित नहीं हैं? सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग के बावजूद ये दु:साहस कौन कर रहा है? सीएम को किस बात का डर है? इसी तरह राजद विधायक एज्या यादव ने कहा कि बच्चियां फरार नहीं हुई हैं, बल्कि भगाई गई हैं। और यह सब सरकार के इशारे पर हुआ है। 

उधर रालोसपा प्रमुख व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर नीतीश सरकार पर सवाल दागे हैं। कुशवाहा ने कहा कि 'मुजफ्फरपुर कांड की ये पीड़िताएं फरार नहीं हुई हैं, बल्कि प्रतीत होता कि सरकार द्वारा गायब कराई गई है। इस अपराध में सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जी को दोषी मान रही है।' उन्होंने इसी ट्वीट में लिखा है कि 'नीतीश कुमार अविलंब इस्तीफा दें, क्योंकि आपसे अन्य बच्चियों के जान को भी खतरा है।'

इसी पर पलटवार करते हुए भाजपा उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने कहा कि सभी मामलों पर जांच की जा रही है और सरकार हमेशा ही सीबीआइ को सहयोग करती रहती है। ये सुरक्षा में लापरवाही का मामला है और दोषियों पर जरूर कार्रवाई की जाएगी।

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बड़ी लापरवाही-मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की पांच बच्चियां फरार, मचा हड़कंप

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 3:46pm

पटना, जेएनएन। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली की साकेत कोर्ट में ट्रांसफर करने के बाद 23 फरवरी यानी आज साकेत कोर्ट में आरोपियों की पेशी हुई। इससे पहले आज सुबह साढ़े तीन बजे इस अहम कांड की गवाह पांच लड़कियां फरार हो गई हैं। इन लड़कियों को मोकामा के स्थित बालिका गृह में रखा गया था, जहां से ये लड़कियां फरार हो गई हैं।

सात लड़कियां फरार, जिला प्रशासन में मचा हड़कंप

मोकामा के नाजरथ द्वारा संचालित बालिका गृह से सात लड़कियों के  फरार होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी कुमार रवि , एसएसपी गरिमा मलिक , ग्रामीण एसपी सुनील कुमार , एएसपी लिपि सिंह समेत अन्य अधिकारियों की टीम मोकामा पहुंच चुकी है। नाजरथ मिशनरी द्वारा संचालित नाजरथ अस्पताल परिसर में संचालित चाइल्ड केयर होम की सुरक्षा व्यवस्था को खंगालने में जुटी है । 

इसी बालिका गृह की एक अन्य संवासिन ने अपना नस काट लिया है । जिसे पटना के एम्स में भर्ती कराया गया है । जानकारी के अनुसार पिछले दिनों मुज्जफरपुर के बालिका सुधार गृह से लाकर यहां रखा गया था । ये कहा गया था कि मनोचिकित्सक से इन संवासिनों का यहां इलाज कराया जाएगा ।

इस वारदात से प्रशासन के होश उड़े हुए हैं । कोई भी कुछ बताने से कतरा रहा है । पुरे परिसर को जवानों ने सुरक्षा घेरे में ले लिया है । किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है । संचालिका से प्रशासन के लोग पूछताछ में जुटे है । यहाँ मौजूद अन्य संवासिनों से मिल रही सुविधा व व्यवस्था को लेकर पूछताछ की जा रही है । वहीँ सुरक्षा को लेकर हुई चूक की भी गहन छानबीन की जा रही है ।

गत वर्ष भी चार संवासिनों के दिन में ही कर्मियों को झांसा देकर भाग जाने के वारदात के वावजूद एक ओर जहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं । वहीँ पुनः यहां की एनजीओ को संवासिनों के रखे जाने का मुद्दा भी जांच के घेरे में है । गत दिनों महिला आयोग की टीम ने भी इस केयर सेंटर का जायजा लिया था ।

आयोग की तात्कालीन अध्यक्ष ने यहां की व्यवस्था पर संतोष जताया था । सूत्र बताते हैं कि इन संवासिनों का मनोचिकित्सा के साथ इन्हें सुशिक्षित करने का भी विभाग द्वारा आदेश दिया गया था । इन आदेशों का कहां तक अनुपालन हो सका प्रशासन की मुद्दे की भी जांच कर रही है ।

संचालिका ने भगोड़े संवासिनों का  फोटो के साथ बायोडाटा मोकामा थाने को सौंपे जाने की सूचना है । इस वारदात को लेकर जिले समेत सीमा से जुड़े अन्य जिलों को भी हाई अलर्ट किये जाने की बात कही गयी है । महिला आयोग की टीम भी किसी वक़्त यहाँ आने वाली है ।

एफएसल की टीम जांच करने के लिए मोकामा रिमांड होम रवाना हो गई है। एसपी और सीआइडी के नेतृत्व में टीम रवाना हुई है। साथ ही डॉग स्क्वॉयड की टीम भी मोकामा रवाना हो गई है। 

दिल्ली के साकेत कोर्ट में आज हुई सुनवाई

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 7 फरवरी को इस मामले को साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुजफ्फरपुर ट्रायल कोर्ट से इस केस के सभी दस्तावेज साकेत कोर्ट में पहुंच गए हैं। एडिशनल सेशंस जज सौरभ कुलश्रेष्ठ की कोर्ट ने आज इस मामले की सुनवाई की, जिसमें सभी सभी आरोपियों की कोर्ट में पेशी हुई। सोमवार को मामले की अगली सुनवाई होगी।

पटना के जिलाधिकारी ने कहा-

बालिका गृह से सात लड़कियाों के गायब होने के मामले में पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने कहा है कि मिसिंग रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है और सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। 

भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा-

भाजपा उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने कहा कि सभी मामलों पर जांच की जा रही है और सरकार हमेशा ही सीबीआइ को सहयोग करती रहती है। ये सुरक्षा में लापरवाही का मामला है और दोषियों पर जरूर कार्रवाई की जाएगी। 

राजद ने पूछा-किसे बचाने की हो रही साजिश 

वहीं, राजद ने मामले पर बिहार सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा है कि आज रात मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम की गवाह बची 7 बच्चियों को भी ग़ायब कर दिया गया। सत्ता शीर्ष पर बैठे किस शख़्स को बचाने की साज़िश हो रही है? पीड़ित बच्चियाँ अभी भी क्यों सुरक्षित नहीं है? SC की मॉनिटरिंग के बावजूद ये दु:साहस कौन कर रहा है? सीएम को किस बात पर फँसने का डर है?‬ अभी भी अनाथ बच्चियों के साथ कितना घिनौना कार्य किया जा रहा है?

 

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NDA के चुनावी मंच पर खूब होंगी डबल इंजन की बातें, गूंजेंगी विकास गाथा, जानिए

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 3:44pm

पटना [भुवनेश्वर वात्स्यायन]। एनडीए के चुनावी मंच पर जो मुद्दे आने वाले दिनों में गूंजेंगे उन्हें इकट्ठा किए जाने और उनसे जुड़े आंकड़े जुटाने का काम शुरू हो गया है। एनडीए के दिग्गजों का कहना है कि हम सकारात्मक तरीके से राज्य सरकार के उन कार्यों का जिक्र करेंगे जो सामाजिक और विकास से जुड़े क्षेत्र में हुए हैैं जिसका लाभ समाज के सभी वर्गों को मिला है।

यही नहीं डबल इंजन की सरकार यानी केंद्र और राज्य में एक सरकार के आने से किस तरह से बिहार को फायदा हुआ यह भी एनडीए के चुनावी मंच पर विशेष चर्चा का विषय होगा।

डबल इंजन की सरकार के साथ करेंगे विकास की बात

डबल इंजन की चर्चा अभी से शुरू है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने बिहार आकर बेगूसराय में तैैंतीस हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया था। इसमें अधिकांश योजनाएं रोजगार से सीधा सरोकार रखती हैैं। पटना मेट्रो का भी शिलान्यास हुआ। पीएम पैकेज के तहत शुरू हुई योजनाओं का विशेष रूप से जिक्र होगा।

मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना की होगी चर्चा

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लोगों को यह बताया जाएगा कि किस तरह से राज्य सरकार ने साठ वर्ष या अधिक आयु के सभी वृद्ध जनों के लिए चार सौै रुपए के मासिक पेंशन की व्यवस्था की है। एक अप्रैल 2019 से यह पेंशन योजना आरंभ हो जाएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद विधानसभा में इसकी घोषणा की थी।  मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के बारे में भी बातें करेंगे। सामाजिक क्षेत्र में शराबबंदी को ले सरकार के अभियान के फायदे और शराब के धंधे मेें लगे गरीबों को नए रोजगार के लिए किस तरह से मदद की जा रही है, इस पर चर्चा होगी।

युवाओं को केंद्र में रख शुरू की गई योजनाओं पर करेंगे बात

कोशिश यह है कि युवाओं को केंद्र में रख राज्य सरकार ने जिन योजनाओं को आरंभ किया है उन पर भी चुनावी सभाओं में बात की जाए। इस क्रम में स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा और सात निश्चय के तहत खुल रहे इंजीनियरिंग कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और नर्सिंंग की पढ़ाई वाले संस्थानों की भी चर्चा होगी।

आधारभूत संरचना के जिक्र के साथ भी साधेंगे निशाना

हाल ही में आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन का सिलसिला आरंभ हुआ है। इनमें पुल ओैर सड़क से जुड़ी परियोजनाओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में शैक्षिक परिसर हैं। इन आधारभूत संरचनाओं को केंद्र में रखकर भी चुनावी सभाओं में विपक्ष पर निशाना साधा जाएगा।

शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय परिसर के उद्घाटन के दौरान इसका संकेत भी दे दिया। उपेंद्र कुशवाहा का नाम नहीं लेते हुए संकेत में उन पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा के नाम पर आंदोलन करने वाले नेता जी को यह परिसर आकर देखना चाहिए।

सवर्ण आरक्षण पर भी बातें होंगी पर यह भी बताएंगे

च नावी मंच पर सवर्ण आरक्षण की भी चर्चा होगी पर उसके साथ यह विस्तार से बताएंगे कि यह आरक्षण किसी भी तरह के आरक्षण को कम कर के नहीं किया गया है। आर्थिक आधार पर सवर्णों को जो दस फीसद का आरक्षण दिया गया है वह बिल्कुल ही पृथक है।

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बिहार में 25 से 27 फरवरी के बीच हो सकती है तेज ओलावृष्टि, अलर्ट जारी

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 3:27pm

पटना, जेएनएन। राज्य में 25 से 27 फरवरी के बीच बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने ओलावृष्टि और बारिश से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने और आम लोगों को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है।

मौसम में बदलाव की आशंका को लेकर बिहार आपदा विभाग ने आशंका जताते हुए राज्य के सभी जिलों में 25-27 फरवरी के बीच ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मौसम विभाग के अलर्ट पर राज्य के मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश जारी कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि अब ये देखना होगा कि मौसम किस स्तर तक जाएगा। 

शुक्रवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में आपातकालीन प्रबंधन समूह (सीएमजी) की बैठक में राज्य के 25 जिलों में सुखाड़ की स्थिति की समीक्षा की गई। पिछली बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग ने सुखाड़ की निगरानी कर रहे पदाधिकारियों को चुनाव कार्य से मुक्त रखने का प्रस्ताव दिया था। इसकी अनुशंसा निर्वाचन आयोग से की गई है।

जिला स्तर पर आपातकालीन संचालन केंद्र का 24 घंटे संचालन किया जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आशंका को देखते हुए विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है।

 

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पहले बंद कराता था नंबर, फिर क्लोन चेक बनाकर अकाउंट से निकालता था पैसे

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 1:44pm

पटना, जेएनएन। चोरी तो अपने आप में एक क्राइम है पर चोर को लालच बुरी बला है कहावत समझ आ गई। पटना के एक शातिर ने क्लोन चेक बनाकर एक व्यवसायी के बैंक खाते से नौ लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए। इतने में उसका जी नहीं भरा तो तीन लाख रुपये का चेक लेकर फिर बैंक पहुंच गया, लेकिन लालच महंगी पड़ गई। पीरबहोर थाने की पुलिस ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

एक चेक बैँक में जमा करने पर मिलते थे पांच हजार रुपये

पुलिस की पूछताछ में मोहित ने बताया कि गिरोह में पांच अन्य लोग भी शामिल हैं। उसका काम सिर्फ क्लोन चेक लेकर बैंक जाना है। एक चेक को बैंक में जमा करने पर उसे पांच हजार रुपये मिलते हैं। इसके पूर्व वह राकेश कुमार के नाम से तीन क्लोन चेक बैंक में जमा कर चुका था। पूर्व में भी उसे आधा दर्जन लोगों के खाते से रकम उड़ाने के लिए क्लोन चेक मिल चुका है। वह गिरोह के संपर्क में कैसे आया और क्लोन चेक के जरिए कितने की निकासी कर चुका है, इस बिन्दु पर पुलिस जांच कर रही है।

थाने में सनहा देकर बंद कराते थे ग्राहक का मोबाइल नंबर

क्लोन चेक से खाते से निकासी मामले में गिरफ्तार मोहित अरोड़ा ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाली बात कही। उसने बताया कि क्लोन किए गए चेक से निकासी के पूर्व वह ग्राहक के उस मोबाइल नंबर को ही बंद करा देते थे, जो खाते से जुड़े होते थे। गिरोह ने राकेश का मोबाइल नंबर भी टेलीकॉम कंपनी के जरिए 14 फरवरी से ही बंद करा दिया था। राकेश ने बीच में नंबर चालू भी कराया था, लेकिन पिछले तीन दिन से नंबर फिर बंद हो गया। इस दौरान गिरोह ने उनके खाते से क्लोन चेक के जरिए साढ़े नौ लाख रुपये की निकासी कर ली।

आखिर गिरोह तक कैसे पहुंच रही खाताधारक की पूरी जानकारी जालसाज के पास बरामद चेक मल्टी सिटी चेक है। जांच में पता चला कि दो तरह के चेक प्रिंट होते है। मुख्यालय से जो चेक प्रिंट होता है उस पर धारक का नाम या अकाउंट नंबर नहीं होता है। फिर दोबारा चेक पर खाताधारक का शाखा और अन्य जानकारी प्रिंट होती है। ऐसे में पुलिस पता कर रही है कि आखिर गिरोह तक ग्राहक की पूरी जानकारी कैसे पहुंच रही है? सूत्रों की मानें तो इस खेल में बैंक कर्मी या प्रिंटिंग से जुड़े कुछ लोगों की गिरोह से मिलीभगत है। ये उन तक खाताधारक की जानकारी और खाते से लिंक मोबाइल नंबर उपलब्ध करा रहे है।

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पटना में खाइए बनारस का जगन्नाथी पान और 30 अंडों वाला बाहुबली पिज्जा आमलेट

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 1:14pm

अक्षय पांडेय, पटना। चटपटा, तीखा, मीठा हो या नमकीन, सिन्हा लाइब्रेरी के स्ट्रीट फूड फेस्टिवल में सब कुछ है। 42 स्टॉलों पर सजे इस शहरी समृद्धि उत्सव में कलछी से टनटनाते तवे देश के कई राज्यों की महक बिखेर रहे हैं। यहां बनारस का मशहूर जगन्नाथी पान है तो राजस्थान के जयपुर की स्वादिष्ट कचौड़ी। दिल्ली का बाहुबली आमलेट पिज्जा है तो अपने कंकड़बाग का चिल्ला भी। नगर विकास एवं आवास विभाग और 'नासवी' के सहयोग से आयोजित स्ट्रीट फूड फेस्टिवल का उद्घाटन शुक्रवार को नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने किया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान खुले मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।

कभी खत्म नहीं होने वाला है ये व्यापार

उद्घाटन के बाद मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने स्टॉलों का मुआयना किया। बाद में अपनी पसंद के कुछ व्यंजन भी चखे। मंत्री ने कहा कि दूसरों को स्वादिष्ट खाना खिलाने का जिन भी लोगों ने बीड़ा उठाया है, उनका व्यापार कभी बंद नहीं होगा। बस ख्याल इतना रखना है कि स्वच्छता बनी रहे। एक उदाहरण देते हुए सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, बड़े-बड़े अधिकारी भी सड़कों के किनारे सजे स्टॉलों पर नाश्ता करना चाहते हैं, मगर गंदगी देखकर वे अपने आप को रोक लेते हैं। मंत्री ने कहा कि हम स्ट्रीट वेंडरों के लिए अलग से स्थान मुहैया कराएंगे। ताकि वे भी अपने द्वारा बनाया गया स्पेशल खाद्य पदार्थ लोगों तक पहुंचा सकें। इस दौरान उन्होंने परिसर में बाल मजदूरी का दंश दिखाती एक नुक्कड़ नाटक मंडली को 11 हजार रुपये का नगद ईनाम भी दिया। मेयर सीता साहू ने कहा, देश की आधी आबादी के पेट भरने में स्ट्रीट वेंडरों का योगदान है। इस लिए ऐसे आयोजन होने जरूरी हैं।

खर्च करें बीस रुपये, खाएं बनारस का जगन्नाथी पान

अब पटना में बनारस का पान खाने को मिले तो कौन पीछे हटेगा? खर्च भी मात्र बीस ही रुपये तो करने हैं। फेस्टिवल में लगे चार-पांच स्टॉलों से आगे बढऩे पर एक कोने में शशि दिख जाएंगे। इनके स्टॉल पर सबकी नजरें एक बार जरूर टिक रही हैं। आखिर शशि के पास बनारसी पान जो है। शशि कल ही दिल्ली वालों को पान का स्वाद चखा कर पटना लौटे हैं। कहते हैं, मगही पान तो हर जगह मिल जाएगा पर जगन्नाथी के लिए क्या करेंगे? अब शशि के इस सवाल पर कुछ लोगों ने पान खा भी लिए। फिर, लाजवाब-लाजबाव कहते आगे बढ़ गए।

आम की लकड़ी से बनी डुमराव का सिंदूरदानी

इस आयोजन में जीविका की महिलाओं का भी एक अहम योगदान है। इनके द्वारा मेले में साज-सज्जा के सामान लाए गए हैं। इसी में एक है ओम अजीविका एवं शक्ति अजीविका। इस स्टॉल पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हैं। यहां सौ रुपये से लेकर चार सौ रुपये तक की सिंदूर दानी है। सौ रुपये वाली की खासियत आम की लकड़ी से बने होना है। जबकि चार सौ रुपये वाली सिंदूर दानी दूल्हे के सेहरे जैसी आकृति में है। इसी तरह एक स्टॉल पर सितारा, रजनी और कविता हैं। इनके पास 60 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की चूडिय़ों का भंडार है।

दिल्ली का 'बाहुबली आमलेट'

फेस्टिवल में एक स्टॉल पिज्जा-आमलेट का भी है। यहां दिल्ली से आए संजीव गुप्ता हैं। उनके पास 100 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक के आमलेट हैं। किसी भी जायके को बनाने से पहले वे मक्खन से कढ़ाई को साफ करते हैं। चर्चा में इनका 'बाहुबली आमलेट' है। ये 30 अंडों से बनाया जाता है। इसे चखने के लिए जेब थोड़ी ढीली करनी पड़ेगी। मतलब 750 रुपये खर्च करने होंगे। संजीव के मुताबिक उनके यू-ट्यूब और फेसबुक पर मिलियन्स फॉलोवर हैं। वे दिल्ली से पटना केवल अपने लजीज पिज्जा आमलेट का स्वाद लोगों को चखाने यहां आए हैं। कहते हैं वो सैकड़ों तरह के पिज्जा बना सकते हैं।

राजधानी में इटली वाला बॉन फायर पिज्जा

पिज्जा के शौकीनों की कहां कमी है। ये शहर में अलग-अलग वैरायटी ही तलाशते रहते हैं। फूड फेस्टिवल में एक चलंत ऑटो भी है। यहां बॉन फायर (लकड़ी की आग से बना) पिज्जा उपलब्ध है। कंकड़बाग में अपनी शॉप लगाने वाले शेफ निखिल बताते हैं, हमारे पास 60 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का पिज्जा है। वैसे हम लोग 10 तरह के पिज्जा बनाते हैं पर मांग होने पर इसकी संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है।

भागलपुर के घेवर के साथ झालमुड़ी और पकौड़ी

खाद्य पदार्थों के इस उत्सव में बिहार के कई जिलों से लोग आए हुए हैं। फेस्टिवल में पहला स्टॉल दही-चूड़ा और घेवर का है। यहां तेल से छनता भागलपुर का लजीज घेवर उपलब्ध है। गर्म-गर्म खाने में इसका स्वाद ही लेते बनता है। इसी बगल में एक स्टॉल झालमुड़ी और कचरी और पकौड़ी का है। यहां रंजीत और मनोज शाह मौजूद शाह हैं। ये सात आइटम से को मिलाकर झालमुड़ी बना रहे हैं।

स्ट्रीट फूड को बढ़ावा देना है मकसद

'नासवी' के राज्य समन्वयक राकेश त्रिपाठी बताते हैं कि इस आयोजन का मकसद देशभर में सड़क किनारे बिकने वाले लाजवाब व्यंजनों का स्वाद हर किसी तक पहुंचाना है। वे कहते हैं कि हम स्ट्रीट फूड वेंडरों को पहचान दिलाने के लिए काफी समय से पहल कर रहे हैं। पटना में लगे इस उत्सव में बिहार के साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड से आए लोगों के 42 स्टॉल सजे हैं।

इनमें 15 पटना के हैं तो 15 राजधानी के बाहर के। जबकि सात अन्य राज्यों के हैं। आयोजन में वेंडरों को पूरा सहयोग सरकार की ओर से दिया गया है। बस उन्हें अपनी खाद्य सामग्र्री का ही इस्तेमाल करना है। सिन्हा लाइब्रेरी परिसर में एक चलंत खाद्य प्रयोग शाला भी है। यहां मौजूद एनालास्टिक विनय कुमार सिंह कहते हैं, स्ट्रीड फूड फेस्टिवल में लगे विभिन्न स्टॉलों की हमारे द्वारा जांच की जा रही है। लोगों को स्वच्छ खाद्य पदार्थ मिले यही हमारी प्राथमिकता है।

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इस सनी लियोनी ने खोलकर रख दी बिहार में नौकरियों में बहाली की पोल, जानिए

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 12:49pm

पटना, जेएनएन। बिहार के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (पीएचईडी) की जूनियर इंजीनियर (जेई) बहाली मेरिट लिस्ट में सनी लीयोन का नाम टॉपर में आना बिहार में नौकरियों में नियुक्ति के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है।

विभाग की वेबसाइट पर जारी किए गए लिस्ट में सनी लियोन नाम की कैंडिडेट टॉप पर है, उनके पिता का नाम लियोना-लियोन लिखा है। दूसरे स्थान पर निर्मल चक्रवर्ती का नाम है और उनके पिता का नाम ओमपुरी दर्ज है। तो वहीं तीसरे स्थान पर BVCXZBNNB नाम के अभ्यर्थी हैं, जिनके पिता का नाम MGGVGHHNNNN दर्ज है। इस नाम को तो शायद विभाग ही समझ सकता है। 

इसी तरह विभाग में प्रकाशित मेरिट लिस्ट में कई एेसे नाम हैं जो पहली नजर में ही फर्जी लग रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों ने लिस्ट को वेबसाइट पर जारी कर दिया। लिस्ट के पब्लिश होने के बाद जब लोगों की नजर सनी लियोनी के नाम पर पड़ी तो बवाल मच गया।

इसके बाद विभाग की फजीहत तो हुई ही, साथ ही इस प्रकरण ने प्रदेश के अधिकारियों की कार्यशैली और ईमानदार शासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है। अब विभाग ने एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच करने की बात कही है। 

अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम पर जूनियर इंजीनियर (जेई) पद के लिए आये फर्जी आवेदन के मामले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) दो दिन बाद जागा और गुरुवार को शास्त्री नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी।

शुरुआत में मीडिया से बातचीत में विभाग ने कहा कि हो सकता है सनी लियोनी के नाम की कोई महिला आवेदन की हो, लेकिन विभाग ने जब आवेदक की जगह अभिनेत्री सनी लियोनी की तस्वीर देखी तो वह हरकत में आया। आनन-फानन में जांच शुरू हुई और गुरुवार को विभाग ने शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी करायी। 

आवेदन में दिया है मोबाइल नंबर

जब इस आवेदन पत्र पर अंकित फोन नंबर पर फोन मिलाया गया तो इस नंबर को रिसीव करने वाले व्यक्ति ने ना तो अपना नाम-पता बताया ना ही एफआइआर के बारे में ही कुछ कहा। नंबर पर बात करने वाले शख्स ने कहा कि एफआईआर हो गया तो क्या हुआ, मुझे परेशान मत करो। 

आईपी एड्रेस से पकड़ा जाएगा फर्जी आवेदक

हालांकि विभाग के सचिव जीतेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आवेदन ऑनलाइन आया है। जिस भी कंप्यूटर से आवदेन दिया गया है, उसके आईपी एड्रेस से आवेदक जरूर पकड़ा जाएगा।

- इन भर्ती के लिए कुल 17,911 आवेदन आए थे

- 24 फरवरी तक मांगे गए हैं दावा और आपत्ति

- आवेदक की फोटो की जगह लगी थी सनी लियोनी की फोटो

क्या है पूरा मामला

पीएचईडी ने संविदा पर जूनियर इंजीनियरों के 214 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन निकाला था। 17 हजार 911 आवेदन आये। अंकों और कार्य अनुभव के आधार पर सॉफ्टवेयर ने सभी अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची तैयार की, जिसे पीएचईडी ने अपनी साइट पर जारी कर दिया।

इस सूची में सन्नी लियोनी का नाम टॉप पर है। इस संबंध में विभाग के सचिव ने कहा कि अभ्यर्थियों की सूची बनाने के लिए विभाग ने सॉफ्टवेयर बनाया था। सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही औपबंधिक मेधा सूची बनी है। इसमें कुछ भी मैनुअली नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि सन्नी लियोनी के नाम से आवेदन करने वाले ने प्राप्तांक और अपना कार्य अनुभव भी अधिक दिखाया था, जिस वजह से सॉफ्टवेयर ने यह नाम सूची में टॉप पर रखा। उन्होंने कहा कि औपबंधिक मेधा सूची पर दावा-आपत्ति की मांग अभ्यर्थियों से की गई है, जिसकी अंतिम तिथि 24 फरवरी है।

दावा-आपत्ति के बाद अभ्यर्थियों के कागजात की छानबीन होनी है। फिर काउंसिलिंग को लेकर अभ्यर्थियों को बुलाने के लिए फाइनल मेधा सूची बनेगी। काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति की जाएगी। संबंधित थाने ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है। 

पीएचईडी के संयुक्त सचिव अशोक कुमार के अनुसार यह ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की सुविधा का दुरुपयोग है। जेई के 214 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगवाए गए थे। उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग में प्राप्त अंक और कार्य अनुभव भरकर कम्प्यूटर पर अपना स्कोर जनरेट करना था। लेकिन लोगों ने गलत नाम, अंक और अनुभव डालकर स्कोर जनरेट किया है।

बहरहाल, पीएचईडी ने इस मामले को लेकर केस दर्ज करा दिया है। पीएचईडी विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार ने सरकारी काम में बाधा, विभाग की छवि धूमिल करने और आईटी एक्ट के तहत 'फर्जी' सनी लियोनी के खिलाफ पटना के शास्त्री नगर थाने में केस दर्ज कराया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बिहार पुलिस कब तक ऐसे फर्जी अभ्यर्थियों का असल चेहरा सामने लाती है।

 

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फरवरी में निकल आए गर्मी वाले कपड़े, पटना में पारा पहुंचा 31.4 डिग्री पर

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 12:42pm

पटना, जेएनएन। फरवरी में ही पटना का मौसम गर्मी वाला हो गया है। तेज धूप के कारण स्वेटर से तौवा कर शर्ट और टी-शर्ट निकल आई है। धूप की तेजी तो एेसी है कि दो मिनट लगातार खड़े नहीं हुआ जा सकता। शनिवार को पटना का अधिकतम तापमान 31.4 तो न्यूनतम में 19.2 हो गया है। इसकी तहर गया का तापमान न्यूनतम में 15.4 तो अधिकतम में 31.2 रहा। मौसम विभाग के मुताबिक देश के तटीय इलाके में पश्चिमी विक्षोभ उठने के कारण 24 से 28 फरवरी तक राजधानी समेत बिहार के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट बदल सकता है। आकाश में बादल छाए रहेंगे। छिटपुट बारिश के साथ तापमान भी नीचे जा सकता है।

शुक्रवार को भी रही गर्मी

शुक्रवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा। कल तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव आ रहा है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी के साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में धीरे-धीरे तापमान बढ़ रहा था। धूप में तल्खी के कारण गर्मी का अहसास हो रहा था। दिन में स्वेटर की जरूरत कम हो गई थी।

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बिहार: थाने में हुई अनोखी शादी, पुलिसवाले बने बाराती, राहगीरों ने दिया आशीर्वाद

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 12:16pm

पटना, जेएनएन।  बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाने में एक अनोखी शादी हुई, जिसमें बाराती  के रूप में पुलिसवाले नजर आए तो वहीं स्थानीय राहगीरों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया और महिलाओं ने सड़क पर ही मंगल गीत गाया। पुलिस के पहरे में प्रेमी जोड़े की शादी करायी गयी। 

ये अनोखी शादी थाना परिसर में हुई, क्योंकि प्रेमी युगल शादी करना चाहते थे लेकिन परिवार वाले तैयार नहीं थे और कोई जोड़े को शादी करने से नहीं रोके इसके लिए पुलिस को सुरक्षा देनी पड़ी। वहीं, स्थानीय लोग और राहगीर इस शादी के साक्षी बने।

मामला मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना परिसर का है, जहां परिसर में स्थित मंदिर में पुलिस की निगरानी में प्रेमी युगल की शादी करायी गई और पंडितजी के मंत्रोच्चार और महिलाओं के मंगल गीत के बीच पूरे विधि- विधान से शादी संपन्न हुई।

इस शादी में बाराती के तौर पर उपस्थित पुलिस वालों के साथ ही स्थानीय लोगों ने नवविवाहित जोड़े को सात जन्मों तक साथ रहने का आशीर्वाद दिया। इस शादी के लिए दूल्हा बने अमित नायक और दुल्हन रूबी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

पुलिस को दोनों ने बताया कि  दोनों बालिग हैं और पिछले तीन साल से हमारा प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन अमित के घरवाले इस शादी के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। दोनों ने काफी इंतजार किया कि शायद अमित के घरवाले मान जाएं लेकिन एेसा हुआ नहीं तो रूबी ने थाने में पुलिस से गुहार लगायी। 

थाना प्रभारी ने दोनों की बातें सुनीं और भरोसा दिलाया कि वो दोनों की शादी करवाएंगे। आखिरकार उनकी कोशिश रंग लाई। उन्होंने अमित के घरवालों और रूबी के भी घरवालों से बात की और दोनों पक्ष को शादी के लिए तैयार किया। थाने में हुई इस शादी काफी मान-मनौव्वल के बाद परिवार के बड़े बुजुर्गों ने जोड़े को आशीर्वाद दिया।

शादी की बात से खुश अमित और रूबी ने पहले एक-दूसरे को वरमाला पहनाया, फिर अग्नि को साक्षी मानते हुए दोनों ने सात फेरे लिए। इस शादी को देखने के लिए रास्ते से गुजरने वाला हर राहगीर थोड़ी देर रूक जाता था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने तालियां बजाकर दुल्हा-दुल्हन का स्वागत किया। हैप्पी एंडिंग की तरह हुई इस शादी से प्रेमी युगल काफी खुश नजर आए, साथ ही पुलिस वालों ने दोनों को खूब आशीर्वाद दिया।

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मोकाम बाल सुधार गृह की व्यवस्था से नाराज संवासिन ने काटी नस, सात फरार

Dainik Jagran - February 23, 2019 - 11:07am

पटना, जेएनएन। पटना में एक बार फिर संवासिनों के भागने की खबर ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है। इस बार घटना मोकामा में हुई है। यहां नाजरथ अस्पताल द्वारा संचालित बालिका सुधार गृह से एक साथ सात संवासिन फरार हो गई हैं। जबकि एक ने अपने हाथ की नस काट ली है। फरार संवासिन में पांच मुजफ्फरपुर कांड की पीड़िताएं बताई जा रही हैं। संवासिनों की फोटो और डिटेल मोकामा पुलिस को सौंप दी गई है। सूचना पर एएसपी लिपि सिंह पहुंच गई हैं।

बताया जाता है कि बाल सुधार गृह की व्यस्था से नाराज होकर शुक्रवार को एक संवासिन ने अपने हाथ की नस काट ली। सूचना पर बाल सुधार गृह कर्मियों ने उसे पटना एम्स में भर्ती कराया। इसी दौरान आक्रोशित सात संवासिन भी बाल सुधार गृह से फरार हो गईं। बताया जाता है कि एक साल पहले भी इसी बाल सुधार गृह से तीन संवासिन भाग गई थीं।
बताया जाता है कि एनजीओ द्वारा संचालित गृह में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को भी जाने नहीं दिया जाता। कई बार निरीक्षण के लिए गए पुलिस पदाधिकारियों ने जांच करने की कोशिश की पर उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा।

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