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बैंककर्मी से लूट में गुर्गे के साथ पकड़ा गया कुख्यात पंकज शर्मा

Dainik Jagran - 1 hour 17 min ago

- जक्कनपुर थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की पहचान

- बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में पंकज पर दर्ज हैं 29 मुकदमें

जागरण संवाददाता, पटना : जक्कनपुर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला समता पथ में बंधन बैंक के कर्मी अभ्यानंद कुमार से 35 हजार 500 नकदी लूट में पुलिस ने कुख्यात पंकज शर्मा और उसके गुर्गे सुजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पंकज की गिरफ्तारी पाटलिपुत्र थानांतर्गत केशरीनगर रोड नंबर 24 सी नाला के पास स्थित मकान से हुई है। वह मूलरूप से वैशाली जिले के बिदुपुर का रहने वाला है। बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में इस पर 28 मुकदमें दर्ज हैं।

पंकज की निशानदेही पर दीघा थानांतर्गत कुर्जी मोड़ के समीप गेट नंबर 65 से सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया। एसके पुरी और हवाई अड्डा थानों की पुलिस भी गिरफ्तारी वारंट लेकर कई महीनों से पंकज की तलाश कर रही थी। सिटी एसपी (पूर्वी) जितेंद्र कुमार ने बताया कि कट्टा और दो कारतूस जब्त किए गए हैं। क्या है मामला :

एक जुलाई को समता पथ में बैंककर्मी को पिस्तौल का भय दिखा रुपये लूटे गए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तो उसमें पंकज शर्मा का चेहरा दिखा। इसके बाद से पुलिस ने पंकज की तलाश तेज कर दी। पंकज ने पुलिस पर फेंके थे बम

लूट के एक मामले में पंकज को गिरफ्तार करने वैशाली गई पुलिस टीम पर उसने बम फेंक दिया था। गोली भी चलाई थी। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था। पूछने पर उसने बताया कि उसे बैंककर्मी अभ्यानंद के पास पांच लाख रुपये होने की जानकारी मिली थी। उस दिन अभ्यानंद के पास दो लाख रुपये थे। लूट से पहले उसने दो जगह रुपये दे दिए थे, इसलिए पंकज के हाथ ज्यादा रकम नहीं लगी।

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Bihar Assembly Election: पिछले चुनाव की छाया से नहीं निकल रहे गठबंधन के दल, सबको चाहिए अधिक सीटें

Dainik Jagran - 1 hour 41 min ago

पटना, अरुण अशेष। Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा के चुनाव के लिए कम से कम एक बात तय है- संभावना वाले किसी दल में अकेले चुनाव लडऩे की हिम्मत नहीं है। सबको सहारे की जरूरत है, लेकिन कुछ दलों को छोड़ दें तो बाकी में दोस्ती के बारे में ढंग से बातचीत नहीं हो रही है। इसमें सबसे बड़ी बाधा 2015 का विधानसभा चुनाव है। उसमें सीटों का जिस ढंग से बंटवारा हुआ था, अधिसंख्य दल वही तरीका इस चुनाव में भी आजमाना चाहते हैं। किसी दल को उस चुनाव की तुलना में कम सीट नहीं चाहिए। पेंच इसी मुददे पर फंस जाता है।

इस बार क्षति की भरपाई करेगा जेडीयू

पिछले चुनाव में महागठबंधन (Mahagathbandhan) को समग्रता में बड़ी कामयाबी मिली थी। 243 में से 178 सीटों पर उसकी जीत हुई थी, फिर भी जनता दल यूनाइटेड (JDU) को वास्तविक जीत का मजा नहीं आया। 2010 की तुलना में उसे ठीक 44 सीटों का घाटा हुआ था। 2010 में उसके विधायकों की संख्या 115 थी। वह 2015 में 71 हो गई। 2020 के चुनाव में जेडीयू उस क्षति की भरपाई करना चाहता है। इसके लिए उसे कम से कम 122 सीटें चाहिए। उसकी यह मांग लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को सशंकित कर रही है।

बीजेपी के लिए भी अपने हित का सवाल

2015 की सीटों की संख्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी कम सीटों पर लडऩे से रोक रही है। सवाल है कि अगर सौ के आसपास सीटें मिलें तो उसके बाकी 57 उम्मीदवार कहां जाएंगे, जो बीते चुनाव में खड़े हुए थे। किसी-किसी सीट पर मामूली वोटों से उनकी हार हुई थी। बीजेपी को भी मलाल है। अधिक सीटों पर लडऩे के बावजूद 2015 में उसके सिर्फ 53 उम्मीदवार जीत पाए थे। 2010 में उसके 91 विधायक थे। हालांकि, अकेले में बीजेपी को रिकार्ड 24.4 फीसदी वोट मिले थे।

एनडीए में राजी करना है एलजेपी को

राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) फिर भी इत्मीनान में हो सकता है। उसके घटक दल जेडीयू और बीजेपी में अपेक्षाकृत अनुशासन है। नाराज लोगों को समझाने या उन्हें मुआवजे के तौर पर कुछ देने का भरोसा देकर संतुष्ट करने की क्षमता है, लेकिन यही क्षमता एलजेपी में नहीं है। वह एक सीमा से कम सीटों पर राजी नहीं होगी। एनडीए में सिर्फ यही समस्या है कि वह एलजेपी को राजी कर ले। वैसे जेडीयू-बीजेपी में सीटों को लेकर होने वाला कोई भी मतभेद सलट सकता है। दोनों के बीच सीटों के साथ उम्मीदवारों की भी अदला-बदली होती रही है।

आरजेडी के सामने जेडीयू जैसा संकट

महागठबंधन में राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के सामने भी जेडीयू वाला ही संकट है। 2015 में वह सबसे कम 101 सीटों पर लड़ा था। बेशक उसे शानदार जीत हासिल हुई थी। 2010 से तुलना करें तो उसे विधानसभा की 68 सीटों का लाभ हुआ था। सो, वह भी इस बार अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लडऩा चाह रहा है। सूत्र बताते हैं कि उसने दूसरी बड़ी सहयोगी कांग्रेस (Congress) को बता दिया है कि 150 से कम सीटों पर हम नहीं लड़ेंगे। इसका मतलब हुआ कि वह कांग्रेस सहित अन्य सहयोगी दलों के लिए सिर्फ 93 सीटें छोड़ रहा है। इसी में वाम दलों (Left parties), राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP), विकासशील इंसान पार्टी (VIP) आदि का हिस्सा है।

कांग्रेस को भी चाहिए अधिक सीटें

कांग्रेस 2015 की तुलना में अधिक सीटों पर लडऩा चाहती है। पार्टी की अंदरूनी बैठक में तय किया है कि सभी लोकसभा सीटों की दो-दो विधानसभा सीटों पर लड़ा जाए। यह हिसाब 80 सीटों का है। 2015 में 41 में से 27 सीटों पर जीत हुई थी। 2010 से तुलना करें तो उसे 23 सीटों का लाभ मिला था। कांग्रेस को उम्मीद थी कि आरजेडी पर दबाव देकर वह अधिक सीट ले लेगी। इधर राजद ने उसे ही पंच बनाकर धर्म संकट में डाल दिया हैै। वह समझे कि 94 में से कितनी सीटें वह बांटेगी और कितनी अपने पास रखेगी।

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Bihar Assembly Election 2020: महागठबंधन में तेजस्वी को रास नहीं आ रहे जीतनराम मांझी, जानिए मामला

Dainik Jagran - 1 hour 42 min ago

पटना, अरविंद शर्मा। Bihar Assembly Election 2020: चुनावी महासमर नजदीक है, लेकिन महागठबंधन में जीतनराम मांझी की स्थिति को छोड़कर अभी कुछ भी साफ नहीं है। मशक्कत जारी है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने राजधानी में तीन दिनों तक घूम-घूम कर बिखराव की ओर बढ़ रहे साथी दलों को जोडऩे और गतिरोध तोडऩे की कोशिश की। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के घर गए। मुकेश सहनी से मुलाकात की। उपेंद्र कुशवाहा से फोन पर बात हुई। पर्दे में रहते हुए गोहिल ने सारी कवायद की, किंतु फाइनल कुछ भी नहीं हुआ। सबकुछ भविष्य पर छोड़ दिया गया।

जहां थे, वहीं रह गए महागठबंधन के मसले

इस बीच, महागठबंधन के मसले जहां थे, वहीं रह गए। गोहिल ने जीतन राम मांझी से मुलाकात की। घर जाकर चाय पी और लौट गए। बात आगे नहीं बढ़ी। मांझी अपनी एकमात्र मांग पर आज भी अड़े हैं, समन्वय समिति नहीं बनी तो गठबंधन का कोई मतलब नहीं। मांझी की मांग पर तेजस्वी गौर नहीं फरमा रहे हैं। अहमद पटेल की मध्यस्थता भी फेल हो गई। महागठबंधन की वर्चुअल मीटिंग के दौरान 25 जून को तेजस्वी के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए राज्यसभा सांसद मनोज झा ने अहमद पटेल से वादा किया था कि हफ्ते भर में समन्वय समिति बना दी जाएगी।

मांझी को रास्ते पर लाने की कोशिश नाकाम

अब दो हफ्ते बीत गए। राजद एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा। यहां तक कि कोई पहल भी नहीं की गई। मांझी का बिदकना स्वाभाविक है। गोहिल ने मांझी को महागठबंधन के रास्ते पर लाने की कोशिश की, किंतु मांझी नहीं माने। उन्होंने पूछ लिया कि जब अहमद पटेल की बात नहीं सुनी गई तो आपके वादों पर भरोसा कैसे करें। मांझी के पास विकल्प है। इसलिए वह अड़े हैं।

अन्य दलों के पास नहीं है और कोई विकल्प

तेजस्वी को पता है कि अन्य दलों के पास महागठबंधन में बने रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए उनके दबाव में आने की जरूरत नहीं है। अभी बिहार की राजनीति साफ तौर पर दो धाराओं में बंटी है, राजग और महागठबंधन। भाजपा-जदयू और लोजपा का एक मोर्चा है तो राजद-कांग्रेस एवं अन्य का दूसरा। रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की राजनीति नीतीश कुमार की धारा के विपरीत है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) प्रमुख मुकेश सहनी की भी अपनी मजबूरी है। लोकसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के साथ वह जितना आगे बढ़ चुके हैं, वहां से लौटना मुनासिब नहीं दिख रहा है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) की रणनीति दोनों तरफ अपना बचाकर रखने की रही है। इसलिए मांझी को जल्दी नहीं है। उनकी इस मंशा को तेजस्वी अच्छी तरह समझ रहे हैं। इसलिए उन्हें भी बेताबी नहीं है।

वामदलों को भी मिलेगी हिस्सेदारी

लोकसभा चुनाव में भाकपा-माकपा के प्रति तो नहीं, किंतु माले के प्रति राजद ने दरियादिली दिखाई थी। अपने हिस्से से उसे एक सीट गिफ्ट किया था। करारी हार के बाद तेजस्वी ने अबकी रणनीति बदली है। अन्य वामपंथी दलों को भी जोडऩे की कवायद है। बात समझौते से आगे बढ़ चुकी है। सीटों पर अटकी है। संयुक्त रूप से 80 सीटें मांगी जा रही हैं। 10-12 फीसद भी मिल जाएं तो बात बन बननी तय है। गोहिल ने भी सकारात्मक संकेत ही दिया है।

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ICSE 10th, ISC 12th Result 2020: इंतजार खत्म...जारी हुआ ICSE का रिजल्ट, एेसे करें चेक

Dainik Jagran - 4 hours 39 min ago

पटना, जेएनएन। ICSE 10th, ISC 12th Result 2020: काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) बोर्ड ने इंडियन सर्टिफिेकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) कक्षा 10वीं और इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (ISC) कक्षा 12वीं के परीक्षाओं के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। इसमें एक बार फिर से छात्राओं ने बाजी मारी है। काउंसिल फॉर दि इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट cisce.org पर रिजल्ट की घोषणा की है।

जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं वह CISCE की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.cisce.org/ पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

छात्र अपने आईएससी 12वीं रिजल्ट 2020 के साथ ही साथ अपना स्कोर कार्ड भी देख पाएंगे। छात्रों को ध्यान देना चाहिए कि उन्हें अपना सीआईएससीई कक्षा 12 रिजल्ट 2020 देखने के लिए परिषद की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करना चाहिए क्योंकि आईएससी रिजल्ट 12वीं रिजल्ट 2020 एवं सम्बन्धित अपडेट्स आधिकरिक रूप से काउंसिल के पोर्टल पर ही जारी किये जाएंगे।

CISE, ISC 2020 class 10th and 12th Results: ऐसे देखें रिजल्ट-

स्टेप 1- रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cisce.org पर जाएं।

स्टेप 2- सामने आए लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3- ID नंबर और पूछी गई जानकारी भरें।

स्टेप 4- आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखने लगेगा।

स्टेप 5- भविष्य के लिए प्रिंटआउट निकाल लें।

 घर बैठे पाएं अपनी मार्कशीट

घर बैठे अपनी मार्कशीट पाने के लिए आप डिजी लॉकर (DigiLocker) को डाउनलोड कर लें। इसके जरिए आप अपनी मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट को डाउनलोड कर सकते हैं। यह डिजिटली साइन किए हुए डॉक्युमेंट्स रिजल्ट जारी होने के 48 घंटे में उपलब्ध हो जाएंगे। इसी तरह से 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को उनका माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी डिजिलॉकर के जरिए मिल जाएगा।

 

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भोजपुर में बेखौफ अपराधियों ने उप मुखिया समेत तीन को गोली मारी, एक की मौत

Dainik Jagran - 4 hours 42 min ago

भोजपुर, जेएनएन। भोजपुर जिले में अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है। बदमाश हर रोज बड़ी-बड़ी वारदात को आसानी से अंजाम देते नजर आ रहे हैं। पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम दिखाई दे रही है। ताजा मामला जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर पंचायत के दर्शन छपरा गांव का है। यहां फाइनेंस पर ली ट्रैक्टर ट्रॉली के विवाद को लेकर सफारी सवार बदमाशों ने तबातोड़ फायरिंग कर दी।

फायरिंग में गोली लगने से एक की मौके पर मौत

फायरिंग के दौरान गोली लगने से एक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उप मुखिया समेत दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बाद दोनों घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मामले की छानबीन करने पहुंच गई है।

ट्रैक्टर की किस्त जमा करने को लेकर था विवाद

जानकारी के अनुसार मृतक दर्शन छपरा गांव निवासी नंदकिशोर यादव का 35 वर्षीय पुत्र बृज बिहारी यादव है। वहीं जखमियों में दर्शन छपरा गांव निवासी नंदकिशोर सिंह के पुत्र उदय शंकर सिंह एव दूसरा गड़हनी थाना क्षेत्र के बगवा पंचायत के रामपुर गांव निवासी व उप मुखिया सुरेंद्र यादव के पुत्र अमरजीत यादव है। बताया जाता है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने फाइनेंस पर लिए ट्रैक्टर की किस्त जमा नहीं की थी। जिसको लेकर शुक्रवार की सुबह फाइनेंसर कार पर सवार होकर आए और ट्रैक्टर को खींचकर ले जाने लगे। उसी दौरान ट्रैक्टर खींचने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। उसी बीच फाइनेंस द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। गोलीबारी में दौरान घटनास्थल पर मौजूद तीन लोगों को छर्रे लग गए। जिसमें गोली लगने से बृज बिहारी यादव की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उप मुखिया समेत दो लोग जख्मी हो गए। इधर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गई है।

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Bihar Politics: अक्टूबर तक जेल से बाहर आ सकते हैं लालू, RJD नेता ने कहा- आ जाएगा तूफान

Dainik Jagran - 5 hours 1 min ago

पटना, जेएनएन। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) से पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) जेल से बाहर आ सकते हैं। उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) ने कहा है कि पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद चुनाव के पहले जेल से बाहर आ सकते हैं, इसकी संभावना बढ़ गई है। उन्होंने संकेत दिया कि अक्टूबर तक उनके बाहर आने की उम्मीद है। राबड़ी देवी (Rabri Devi) के आवास पर एक बैठक में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए तेजस्वी यादव ने ये बात कही। 

जमानत का समय हो रहा है पूरा-जेल से बाहर आ सकते हैं लालू

राजद नेता भाई बिरेंद्र ने कहा कि अक्टूबर में लालू प्रसाद यादव की जमानत के लिए समय पूरा हो रहा है और पार्टी पूरी कोशिश करेगी कि लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर आ जाएं। उन्होंने दावा किया है कि लालू प्रसाद यादव के जेल से बाहर आते ही बिहार के राजनीति में तूफान आ जाएगा और आरजेडी को रोकना संभव नहीं होगा।

उन्होंने ये भी कहा कि हम सबको लालू प्रसाद का इंतजार है। उनकी जमानत की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। भरोसा है कि चुनाव से पहले वे हमारे बीच रहेंगे।फिलहाल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में जेल में सजा काट रहे हैं।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम नीतीश पर बोला हमला

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा की बैलट पेपर के जरिए नितीश कुमार सरकार हड़पना चाहते हैं। चुनाव आयोग को चाहिए की प्रचार पारंपरिक तरीकों से ही हो ताकि लोगों के बीच संवाद कायम हो सके। 

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छपरा में झगड़े में साथ नहीं देने पर महिला और उसके पति को पीटा, चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Dainik Jagran - 5 hours 18 min ago

सारण, जेएनएन। थाना क्षेत्र के फरीदपुरा गांव में झगड़े में साथ नहीं देने पर एक महिला सहित उसके पति को मारपीट कर घायल कर दिया गया है। इस संबंध में गीता देवी ने अपने चार पड़ोसियों पर नौ जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई है। इनमें मुन्ना राय, भुटकुन राय, रणजीत राय व सुकून राय को आरोपित किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आठ पर प्राथमिकी दर्ज

थाना क्षेत्र के डीह छपिया गांव में आम तोडऩे के विवाद में हुई मारपीट में तीन लोग घायल हो गए। इस संबंध में बनारस गिरी ने एक महिला सहित आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इनमें रूपेश कुमार गिरी,हरिद्वार गिरी,रमेश गिरी,जयद्वार गिरी,उत्तम गिरी,नितेश कुमार गिरी, रीपु कुमार उर्फ मनीष कुमार व मीरा देवी को आरोपित किया गया है। प्राथमिकी में कहा गया है कि पांच जुलाई की सुबह उसके आम के पेड़ से उक्त लोग आम तोड़ रहे थे। जब वह आम तोडऩे से मना किया तो उक्त लोगों ने लाठी डंडा से मारपीट कर घायल कर दिया और साइकिल लेकर भाग गए। पुलिस मामलें की अनुसंधान कर रही है।

छोटे भाई ने बड़े की चाकू गोद की हत्या

तरैया थाना क्षेत्र के पोखरेड़ा गांव में बच्चों के मामूली विवाद में छोटे भाई ने अपनी पत्नी,अपने साला व साला के दोस्त के साथ मिलकर बड़े भाई को गुरुवार की रात्रि में चाकू मार दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच घायल को आनन फानन में रेफरल अस्पताल तरैया में पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक साभा पासवान का 28 वर्षीय पुत्र श्यामदेव पासवान बताया जाता है।मृतक की पत्नी चांदनी देवी ने अपने देवर मदन पासवान,देवरानी पूजा देवी व इसुआपुर थाना के केरवा गांव के भरत मांझी के पुत्र जिनी पासवान व इसके दोस्त नंदकिशोर साह के पुत्र भरइल साह पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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Coronavirus Patna Update: राजधानी में एक साथ मिले 73 कोरोना पॉजिटिव, आंकड़ा पहुंचा 1558

Dainik Jagran - 5 hours 29 min ago

पटना, जेएनएन। बिहार की राजधानी में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को 73 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। आज जारी स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बिहार में एक साथ 352 की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें भागलपुर के बाद राजधानी के सबसे अधिक 73 संक्रमित पटना के हैं। इसके साथ ही पटना में कोरोना के कुल मामले 1558 हो गए हैं। कोरोनो से अबतक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 864 संक्रमित विभिन्न आइसोलेशन सेंटर व होम आइसोलेशन में हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पटना में शुक्रवार को लॉकडाउन का खासा असर देखने को मिल रहा है। शहर की कई प्रमुख सड़कें खाली नजर आ रही हैं। पटना में एहतियातन लोग घरों से कम ही निकलते दिख रहे हैं।

एक दिन पहले मिले थे 99 कोरोना पॉजिटिव

इसके पहले राजधानी में शुक्रवार को पीएमसीएच के 11 समेत 99 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसमें से 16 लोग एम्स पटना में मिले। सर्वाधिक चार संक्रमित कंकड़बाग और दो सुल्तानगंज के निवासी हैं।

इन इलाकों के लोग मिले संक्रमित 

एम्स कोरोना नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि गुरुवार को जानीपुर, बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी भागवतनगर, रुपसपुर खगौल, अनीसाबाद बेउर जेल के बगल में, बोरिंग कैनाल रोड, कंकड़बाग के पांच इनमें से दो भूतनाथ रोड के, सुल्तान गंज के महेंद्रू से एक परिवार के दो, कदमकुआं, कुम्हरार, बिहटा के एक-एक व्यक्ति पॉजिटिव आए हैं।

एनएमसीएच से 44 स्वस्थ होकर लौटे

एनएमसीएच में इलाजरत कोरोना पॉजिटिव 44 मरीज इलाज के बाद पूरी तरह से स्वस्थ होकर गुरुवार को डिस्चार्ज हुए। नोडल पदाधिकारी डॉ. मुकुल कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि इन्हें घर में अभी स्वजनों से अलग रहने की हिदायत दी गई है। गुरुवार को पांच संक्रमित एवं आशंकित से पॉजिटिव हुए 47 समेत 52 भर्ती कराए गए हैं। भर्ती 321 लोगों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।

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पटना में इन सात तरीके से हो रहा साइबर क्राइम, एप डाउनलोड करा ठगी करने के सर्वाधिक मामले दर्ज

Dainik Jagran - 5 hours 40 min ago

प्रशांत कुमार, पटना। हाल के महीनों में पटना में साइबर अपराध के मामले बेतहाशा बढ़े हैं। चिंताजनक यह है कि अपराधियों को पकडऩे में पटना पुलिस पूरी तरह विफल साबित हो रही है। यह स्थिति तब है जब  जिले में साइबर सेल का गठन भी हो गया है। जून में साइबर अपराध का आंकड़ा सौ के पार हो गया। ऐसे 121 मामले सामने आए हैं। पीडि़त भी कुछ दिनों तक थाना पुलिस के चक्कर काटने के बाद निराश होकर शांत बैठ जाते हैं। साइबर अपराध के अब तक सात तरीके सामने आए हैं। इनमें सबसे अधिक मामला कस्टमर केयर द्वारा एप डाउनलोड करा ठगी करने का है।

महीने के हिसाब से दर्ज मामले

माह : प्राप्त शिकायत

नवंबर 2019 : 36

दिसंबर 2019 : 22

जनवरी 2020 : 30

फरवरी : 45

मार्च : 65

अप्रैल : 103

मई : 101

जून : 121      

ये हैं सात तरीके

पहला : साइबर अपराधी बैंक अधिकारी बनकर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पिन पूछते हैं, फिर खाते से रुपये गायब कर देते हैं। लोगों में जागरूकता आई है, इसलिए यह हथकंडा अब ज्यादा काम नहीं आ रहा।

दूसरा : ईमेल या कॉल कर लॉटरी जीतने का प्रलोभन देकर ठगी की जा रही है। लोग रातों-रात अमीर बनने की ख्वाहिश में जमा पूंजी गंवा रहे हैं।

तीसरा : ओएलएक्स अथवा अन्य सोशल साइट पर कम कीमत में सामान या वाहन बेचने का विज्ञापन देकर ठगी के मामले आ रहे हैं। लोग लालच में फंसकर ठगी के शिकार हो रहे हैं।

चौथा : कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव बनकर जालसाज एप डाउनलोड करवाते हैं। फिर, एक से पांच रुपये तक भेजने के लिए कहते हैं और बैंक अकाउंट से पूरी रकम गायब कर देते हैं।

पांचवां : नौकरी के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों के बायोडाटा से उनका नंबर लेकर जालसाज कॉल करते हैं। उन्हें नौकरी अथवा प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर ठगी करते हैं।

छठा : फेसबुक अकाउंट को हैक कर दोस्तों को मैसेंजर पर संदेश भेजकर यूपीआइ के माध्यम से रुपये मंगवाते हैं। एक बार ट्रांजैक्शन करते ही खाते से पूरी रकम गायब कर लेते हैं।

सातवां : साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन शादी का रिश्ता कराने वाली साइट में भी सेंध लगा दी है। रजिस्ट्रेशन शुल्क और लड़के अथवा लड़की के परिजनों से बात कराने के नाम पर ठगी की जा रही है।

नए नए हथकंडे अपना रहे शातिर

एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इनसे निपटने के लिए साइबर सेल लगातार प्रयास कर रही है। प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी जाती है। पुलिस को सफलता भी मिली है।

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Bihar Weather Red Alert: बिहार के कई जिलों में रविवार तक भारी बारिश का रेड अलर्ट, रहें सतर्क

Dainik Jagran - 7 hours 20 min ago

 पटना, जेएनएन। बिहार के मध्य और उत्तरी भाग में  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार से रविवार तक के लिए भारी बारिश और वज्रपात का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मध्य बिहार में मध्यम बारिश शुरू होगी जो 72 घंटो तक चलेगी। वहीं पटना में आज और कल रुक-रुककर बारिश होगी। पिछले 24 घंटे में राज्य के उत्तरी पश्चिमी भाग में एक दो जगरहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटों में मानसून की ट्रफ लाइन हिमालय की तराई क्षेत्र की ओर शिफ्ट करने के आसार हैं एेसे में उत्तर बिहार में भारी बारिश की स्थिति बन रही है। गुरुवार रात से ही कुछ जिलों में इसका प्रभाव दिख रहा है। तीन दिनों में भारी बारिश, बादल गरजने और वज्रपात की चेतावनी है।

पटना, गया, पूर्णिया और भागलपुर में बादल छाए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं पटना में भी शुक्रवार की सुबह से ही बादल छाए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। शनिवार को भी पटना में मौसम एेसा ही रहने का अनुमान है। 

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बक्सर में रेल पटरी के किनारे मिली युवती की लाश, हत्या कर शव को फेंके जाने की आशंका

Dainik Jagran - 7 hours 28 min ago

बक्सर, जेएनएन। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नदांव रेलवे क्रासिंग के समीप एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि अपने खेतों में काम करने गए स्थानीय लोगों ने सुबह में जब शव देखा तो पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि युवती की हत्या कर शव को रेल पटरी के पास फेंक दिया गया है।

मामला स्पष्ट नहीं

मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 10 बजे स्थानीय लोग उधर पहुंचे, इसी बीच रेलवे क्रासिंग के समीप बने चार फीट गहरे पिट में उन्हें युवती की लाश दिखाई दी। मृत युवती के शरीर पर ब्लू जींस तथा मैरून टॉप है। साथ ही गले में सफेद रंग का पट्टा भी है। माना जा रहा है कि युवती की कहीं अन्यत्र हत्या कर शव यहां फेंक दिया गया है। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों के मुताबिक युवती नदांव तथा आसपास के क्षेत्र की नहीं जान पड़ती है। हालांकि, पुलिसिया जांच में मामला स्पष्ट हो सकता है।

थाना क्षेत्र को लेकर मुफ्फसिल थाना व जीआरपी उलझी

इधर, मामला जीआरपी के कार्यक्षेत्र में होने का हवाला देकर मौके पर पहुंचे मुफ्फसिल ऑउट पोस्ट प्रभारी राजेश चौधरी ने इसकी सूचना रेल पुलिस को दे दी है। हालांकि, जीआरपी थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि जीआरपी का कार्यक्षेत्र आउटर टू आउटर होता है। अथवा, यदि ट्रेन हादसे में मौत हुई हो तो उसमें रेल पुलिस हस्तक्षेप कर सकती है। इस प्रकार का मामला मुफस्सिल थाने का ही बनता है।

 

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CBSE Results 2020: बोर्ड ने10th-12th के छात्रों को भेजा SMS-मार्कशीट के लिए डिजीलॉकर कर लें डाउनलोड, जानिए कैसे

Dainik Jagran - 7 hours 30 min ago

पटना, जेएनएन। CBSE Results 2020:  सीबीएसई बोर्ड ने कहा है कि 10वीं और 12वी की परीक्षा का परिणाम cbseresults.nic.in पर जल्द ही जारी किया जाएगा। इसके साथ ही सीबीएसई ने इस छात्रों को फोन पर एसएमएस भेजकर अपनी मार्कशीट के लिए डिजीलॉकर डाउनलोड करने को कहा है।

इस साल परीक्षा परिणाम घोषित करने से पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, CBSE ने छात्रों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को भेजे गए संदेश में बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने फोन पर डिजीलॉकर ऐप डाउनलोड करें ताकि परिणाम घोषित होते ही अपनी मार्कशीट को वे एक्सेस कर सकें। सीबीएसई 10 वीं 12 वीं का रिजल्ट 2020 15 जुलाई तक जारी होने की उम्मीद है।

डिजीलॉकर डाउनलोड करने के लिए बोर्ड ने एक लिंक भेजा है। यदि छात्र अपने फोन पर DigiLocker को डाउनलोड करना चाहते हैं, तो वे digilocker.gov.in पर जाकर इसे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। एसएमएस में छात्रों को कहा गया है कि सुरक्षा पिन के रूप में अपने रोल नंबर का उपयोग करें।

डिजीलॉकर से डिजिटल मार्कशीट एेसे प्राप्त करें

-Digilocker.gov.in पर जाएं या अपने स्मार्ट फोन पर ऐप डाउनलोड करें। (कृपया ध्यान दें, ऐप अनिवार्य नहीं है। छात्र ऑनलाइन पोर्टल digilocker.gov.in से भी अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं)।

-लॉगिन करने के लिए सीबीएसई बोर्ड के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करें।

-आपके लिए एक OTP भेजा जाएगा

- अपने DigiLocker खाते में प्रवेश करने के लिए इसका उपयोग करें।

कृपया याद रखें कि आपके द्वारा उपयोग किया जाने वाला मोबाइल नंबर वह होना चाहिए जो आपने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन पत्र भरने के समय दिया हो। छात्र अपने आधार कार्ड नंबर - जो प्रदान किया गया था, के माध्यम से पंजीकरण करके अपने डिजीलॉकर खाते तक पहुंच सकते हैं।

-एक बार जब आप ओटीपी दर्ज कर लेते हैं, तो सिस्टम छात्रों को सुरक्षा पिन के लिए संकेत देगा।

-छात्रों को सुरक्षा पिन के रूप में अपने सीबीएसई रोल नंबर के अंतिम छह अंकों का उपयोग करना होगा।

-एक बार लॉग इन करने के बाद, छात्र डैशबोर्ड पर दस्तावेजों की सूची से अपनी सीबीएसई डिजिटल मार्क शीट की जांच और डाउनलोड कर सकते हैं।

-वैकल्पिक रूप से, छात्र अपने आधार कार्ड नंबर का उपयोग करके और निर्देशों का पालन करते हुए सामान्य रूप से पंजीकरण कर सकते हैं।

-सीबीएसई रिजल्ट 2020 के बोर्ड द्वारा घोषित किए जाने के तुरंत बाद कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट डिजीलॉकर पर उपलब्ध होगी।

-ये मार्कशीट क्रमशः कक्षा 11 और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए स्वीकार्य होगी।

सीबीएसई कक्षा 10 के छात्र कृपया ध्यान दें कि सीबीएसई इस वर्ष एक संयुक्त मार्कशीट सह पासिंग प्रमाणपत्र जारी करेगा। हालांकि, कक्षा 12 के छात्रों को मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट का अलग दस्तावेज जारी किया जाएगा।

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CoronaVirus Bihar@10 July: बिहार में विस्फोटक हुआ कोरोना, तेजी से बढ़ा मौत का आंकड़ा, पॉजिटिव केस 13978

Dainik Jagran - 8 hours 51 min ago

पटना, जेएनएन। बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ा है, बुधवार को जहां दस कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी, वहीं गुरुवार को भी नौ कोरोना मरीजों की मौत हो गई है, जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या बढ़कर अब 123 हो गई है। वहीं पिछले कुछ दिनों से कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, गुरुवार को भी कोरोना के 704 नए मरीज मिले हैं जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या भी अब13978  हो चुकी है, जिसमें से अबतक 9792 मरीज अबतक स्वस्थ हो चुके हैं। इस तरह राज्य में अब कुल एक्टिव केस 4076 हैं। 

गुरुवार को लोक जनशक्ति पार्टी की सांसद वीणा देवी के बाद अब उनके पति और जदयू एमएलसी दिनेश सिंह, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के निजी सचिव व तीन अन्य स्टाफ समेत गुरुवार को 704 पॉजिटिव मिले हैं। इसके पहले बुधवार को एक दिन में 749 पॉजिटिव मिले थे। 

एनएमसीएच में अब केवल गंभीर व अतिगंभीर मरीज होंगे भर्ती

बिहार के कोरोना अस्पताल एनएमसीएच में गुरुवार को बिना किसी लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल से लौटा दिया गया। प्राचार्य डॉक्टर हीरा लाल महतो ने बताया कि एनएमसीएच में अब केवल कोरोना पॉजिटिव गंभीर एवं अति गंभीर मरीज ही भर्ती होंगे। एसिप्टोमेटिक लोगों को शहर के क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए सिविल सर्जन स्तर से व्यवस्था की जा रही है।

अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को देखते हुए कोरोना ग्रसित गंभीर मरीजों का ही इलाज होगा। ऐसे मरीजों के लिए ही बेड खाली कराया जा रहा है। वहीं, नोडल पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि ऐसे 85 मरीजों को चिह्नित किया गया है। क्वारंटाइन सेंटर की सूची प्राप्त होते ही इन मरीजों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। 

 

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लखनऊ की तर्ज पर पीएमसीएच में हजार रुपये में कोरोना जांच की तैयारी, बचेगा समय

Dainik Jagran - 9 hours 57 min ago

पवन कुमार मिश्र, पटना। पीएमसीएच में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल विवि (केजीएमयू) की तर्ज पर हजार रुपये से कम में कोरोना जांच की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में एक कंपनी लखनऊ में कोरोना की सबसे विश्वसनीय आरटीपीसीआर (रियल टाइम पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) विधि से जांच कर रही है। इसके लिए सरकार को सिर्फ लैब स्थापित करने के लिए जगह और हर दिन 300 से अधिक नमूने मुहैया कराने होंगे। पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. बिमल कारक ने केजीएमयू प्रशासन और कंपनी से बात करने के बाद स्वास्थ्य सचिव व राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक को इस बाबत पत्र लिखेंगे।

नहीं करना पड़ेगा इंतजार

दक्षिण कोरिया की माइक्रो बायोमेड कंपनी अत्याधुनिक आरटीपीसीआर पोर्टेबल मशीन से गंभीर रोगियों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मशीन आरएनए एक्सट्रैक्शन आदि करते हुए महज दो घंटे में 50 से अधिक सैंपल की जांच कर सकती है। अभी इस विधि से जांच में न्यूनतम छह घंटे का समय लगता है।

पांच हजार खर्च हो रहे सरकार के

प्रदेश में सरकार आरटीपीसीआर और ट्रूनैट विधि से जांच करवा रही है। आरटीपीसीआर में इस्तेमाल होने वाली रीजेंट किट की कीमत ही ढाई से साढ़े चार हजार रुपये है। वहीं ट्रूनैट का रीजेंट 1250 रुपये का है, लेकिन पॉजिटिव आने पर दोबारा जांच करने पर यह दो गुना हो जाता है। इसके अलावा तकनीशियन, पीपीई किट और मशीन स्थापित करने व मेंटेनेंस का खर्च अलग से। आरपीटपीसीआर मशीन का सेटअप बनाने में पांच करोड़ का खर्च आता है।

निजी लैब ढाई हजार ले रहीं

राजधानी में वर्तमान में चार निजी लैब में कोरोना की जांच हो रही है। इसके लिए वे ढाई हजार रुपये लेते हैं। पटना की दो लैब एक दिन और दिल्ली में जांच कराने वाली दो लैब तीन दिन में रिपोर्ट दे रही हैं।

कम पैसा में होगा इलाज

पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. बिमल कारक ने कहा कि लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल विवि से इस मॉडल को समझकर स्वास्थ्य विभाग से पीपीपी मॉडल में कोरोना जांच शुरू कराने के लिए पत्र लिखेंगे। आरटीपीसीआर विधि से हर सैंपल की जांच का यह शुल्क अभी आ रहे खर्च से काफी कम है।

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Lockdown Bihar: बिहार के 17 जिले हुए लॉक, कहां, कब, कितने दिनों का रहेगा लॉकडाउन, जानिए

Dainik Jagran - 10 hours 17 min ago

जागरण टीम, पटना। बिहार में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है, प्रतिदिन काफी संख्या में कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं। इसे देखते हुए कोरोना से बचाव के मद्देनजर कई जिलों में वहां के प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत बिहार के 17 जिलों में शुक्रवार से लॉकडाउन लगा दिया गया है। इनमें राजधानी पटना के साथ ही कैमूर, बक्सर, नवादा, सुपौल, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर,पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, नालंदा, भागलपुर, बेगूसराय, मधेपुरा शामिल हैं।

वहीं, कई जिलों में प्रशासन ने शनिवार से लॉकडाउन लागू किया है। इनमें वैशाली और नालंदा जिले हैं। जिलों ने अपने यहां अलग-अलग अवधि तक के लिए लॉकडाउन लगाया है। उधर, पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र में शुक्रवार और भोजपुर जिला मुख्यालय आरा शहर के मुख्य बाजार वाले इलाकों में 11 से लॉकडाउन रहेगा। 

बिहार के 17 जिलों में लॉकडाउन की अवधि

-बेगूसराय 11 से 16 जुलाई तक

-नालंदा 11 से 15 जुलाई तक

-मुंगेर 10 से 16 जुलाई तक

-मधेपुरा 10 से 16 जुलाई तक

-खगड़िया 10 से 14 जुलाई तक

-मुजफ्फरपुर हफ्ते में दो दिन बंदी

-पटना में 10 जुलाई से 16 जुलाई तक लॉकडाउन

-बक्सर में 10 जुलाई से 12 जुलाई तक लॉकडाउन

-नवादा में 10 जुलाई से 12 जुलाई तक लॉकडाउन

-पश्चिमी चंपारण में 9 जुलाई से अगले आदेश तक लॉकडाउन

-पूर्वी चंपारण में 8 जुलाई से 14 जुलाई तक लॉकडाउन

-खगड़िया में 10 जुलाई से 14 जुलाई तक लॉकडाउन

-पूर्णिया में 10 जुलाई से 16 जुलाई तक लॉकडाउन

-किशनगंज में 7 जुलाई से 10 जुलाई तक लॉकडाउन

-भागलपुर में 9 जुलाई से 15 जुलाई तक लॉकडाउन

-मधुबनी में हुआ था तीन दिनों का लॉकडाउन

-सुपौल में 10 जुलाई से 12 जुलाई तक लॉकडाउन

 

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एक पेड़ में पांच तरह के आमों का स्वाद, मई से बंबइया पकना हुआ शुरू तो जुलाई में चौसा का आनंद

Dainik Jagran - 10 hours 21 min ago

जयशंकर बिहारी, पटना एक पेड़ में आम की पांच वेराइटी का स्वाद। सातवीं पास भिखारी मेहता द्वारा तैयार कलम लगाने वाले दो माह तक एक ही पेड़ में पके हुए अलग-अलग वेराइटी के आमों का स्वाद ले रहे हैं। सामान्य आम के पेड़ में 15 दिनों में सभी फल पक जाते हैं लेकिन मेहता द्वारा लगाई कलम में आम मई में पकना शुरू होते हैं और जुलाई तक पकते रहते हैं। पटना में शौकीनों ने अपने घरों में इसके पौधे लगाए हैं।

बागवानी विशेषज्ञ प्रो. एसके प्रसाद ने बताया कि शहरी क्षेत्र के लिए ग्राफ्टिंग विधि से तैयार कलम वरदान है। एक या दो पेड़ लगाने पर परिवार के लिए दो से तीन माह तक पर्याप्त फल प्राप्त हो जाते हैं। एक ही पेड़ में बंबइया, गुलाब खास, कलकतिया, मालदह, दशहरी, चौसा जैसी वेराइटी तैयार होती है। मई में बंबइया पकने लगता है। इसके बाद गुलाब खास, कलकतिया, आम्रपाली, दूधिया मालदह, दशहरी, चौसा पकता है।  सभी वेराइटी के पकने का समय-समय अलग है।

एक साल में तैयार होते पौधे

भिखारी मेहता ने बताया कि अगले साल से 10 वेराइटी वाले पेड़ फल देने लगेंगे। इसके पौधे ग्राफ्टिंग विधि से तैयार किए जाते हैं। सबसे पहले गुठली से बीजू का पौधा तैयार किया जाता है। तीन माह में पौधा तीन फीट का हो जाता है। इसके बाद तने के ऊपरी भाग को तोड़ दिया जाता है। इससे उसमें कई शाखाएं निकल जाती हैं। बार-बार तोडऩे पर शाखाओं की संख्या बढ़ती जाती है। चार माह होने पर सभी शाखाओं में अलग-अलग वेराइटी के पेड़ से कोपल की इसमें ग्राफ्टिंग की जाती है। 'वी' शेप में बीजू और दूसरे पेड़ की कोपल को बांध दिया जाता है। एक साल में पौधा तैयार हो जाता है। सुपौल के वीरपुर में उनकी नर्सरी है।

कम जमीन में ज्यादा लाभ

किसानों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने वाले ई. संतोष कुमार का कहना है कि इसमें सभी वेराइटी के फल मदर प्लांट जैसे आकार के होते हैं। शहरी इलाकों में ग्राफ्टिंग आधारित कलम की मांग अधिक है। लेकिन, तीन-चार साल तक इसके मंजर तोड़कर पौधे को मजबूत होने देना चाहिए।

 

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पटना में दर्दनाक हादसाः आहर में डूब रहे बेटे को बचाने के लिए कूदा बाप, दोनों की मौत

Dainik Jagran - 10 hours 35 min ago

पटना, जेएनएन। नौबतपुर थाना क्षेत्र के फूलचंद चक में गुरुवार को खेत में काम करने गए पिता और पुत्र की आहर में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान फूलचंद चक निवासी संजय कुमार (35) एवं रंजय कुमार (10) के रूप में की गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ ही बीडीओ और सीओ भी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पिता संजय और पुत्र रंजय का शव आहर से बाहर निकाला गया।

खेत में काम करने के लिए गए थे पिता व पुत्र

जानकारी के मुताबिक फूलचंद चक निवासी लालबाबू का पुत्र संजय भुखनचक के पास स्थित अपने खेत में गया था। साथ में उसका दस वर्षीय पुत्र रंजय भी था। संजय खेत में काम रहा था जबकि रंजय खेत के पास स्थित आहर के पास खेल रहा था तभी उसका पैर फिसल गया और वह आहर में जा गिरा। यह देख पुत्र को बचाने के लिए संजय भी आहर में कूद पड़ा। आहर की गहराई का उसको अंदाजा नहीं मिला और पुत्र को बचाने में वह भी डूब गया।

स्थानीय लोगों ने शव को निकाला पानी से बाहर

आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो वे लोग किसी तरह संजय के शव को पानी से बाहर निकाला। स्थानीय विधायक सिद्धार्थ सिंह शोक संतप्त परिवार से मिल उन्हें ढाढ़स बंधाया। बीडीओ नीरज आनंद ने संजय के स्वजनों को पारिवारिक लाभ के तहत बीस हजार रुपये की राशि दी। वहीं मुखिया द्वारा कबीर अंत्येष्टि के तहत तीन हजार की राशि प्रदान की गई।

दो साल पहले संजय की पत्नी की हुई थी मौत

दो साल पूर्व संजय की पत्नी का निधन हुआ था। संजय को तीन संतान हैं। पत्नी के निधन के बाद संजय अपने तीनों पुत्रों को पिता और मां दोनों का प्यार देते थे। रंजय अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था।

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एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे, बिहार के इन सुरक्षाकर्मियों ने की थी पहचान

Dainik Jagran - 11 hours 26 min ago

पटना, जेएनएन। उत्तरप्रदेश के कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है, उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे लेकर यूपी आ रही थी कि बीच रास्ते में जिस गाड़ी से उसे लाया जा रहा था, वो दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विकास दुबे घायल पुलिसकर्मियों का हथियार छीनकर भाग रहा था और एनकाउंटर में मारा गया। विकास दुबे कई पुलिस अधिकारियों और पुलि‍सकर्मियों की हत्या का आरोपी था। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया था और उसे उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से पकड़ा गया था।

विकास दुबे को पकड़ने में सबसे बड़ी भूमिका एसआईएस इंडिया लिमिटेड के सुरक्षाकर्मी लाखन यादव और उसके साथियों की रही थी। लाखन ने सतर्कतापूर्वक न केवल विकास की पहचान की, बल्कि उसे पकड़ने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी।

लाखन और मोहित को सम्मानित करेगी एसआइएस

एसआइएस के प्रबंध निदेशक ऋतुराज सिन्हा ने कानपुर कांड के दुर्दांत गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तार कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वहां तैनात अपने जांबाज सुरक्षा गार्ड की बहादुरी और साहस को सलाम किया है। 

सिन्हा ने कहा कि जिस विकास दुबे की तलाश देश के सभी राज्यों की पुलिस कर रही थी, उसे एसआइएस के निजी सुरक्षागार्ड ने दबोच लिया। उन्होंने अपने दोनों जांबाज सुरक्षा गार्डों की बहादुरी को सलाम करते हुए कहा कि उनका यह कारनामा देश में निजी सुरक्षा को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा हमारे सुरक्षा गार्डों ने मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी मदद की है।   

एेसे पहचाना लाखन ने विकास दुबे को 

सुबह 7:30 बजे आरोपी विकास दुबे भी मंदिर में मास्क लगाकर दर्शन के लिए पहुंचा था और मंदिर में डयूटी पर तैनात एसआइएस के गार्ड लाखन यादव ने उसे रोका और मोबाईल पर ई-पास को देखकर चेहरे पर लगे मास्क को हटाने को कहा, ताकि टेंपरेचर लिया जा सके। मोबाइल पर नाम और फोटो देखकर सतर्क लाखन को शक हो गया, क्योंकि सुरक्षा एजेंसी और प्रशासन द्वारा कानपुर की घटना को लेकर विकास दुबे के बारे में जानकारी दी गई थी। उसने अखबारों में भी घटना के बारे में पढ़ा था और विकास की फोटो देखी थी।

मास्क हटते ही लाखन ने विकास को पहचान लिया और उसे पूछा तुम कौन हो, तब आरोपी चिल्ला कर कहने लगा कि मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला। तत्काल ही लाखन यादव और सुपरवाइजर मोहित ने उसे पकड़ा और क्विक रिस्पांस टीम को सतर्क कर दिया। घटनास्थल पर चार और सुरक्षाकर्मी थे। तत्काल ही मंदिर परिसर स्थित थाना पुलिस को सूचित किया गया। आरोपी को पकड़कर थाना ले जाया गया जहां पुष्टि हुई कि पकड़ा गया व्यक्ति विकास दुबे ही है। विकास के साथ तीन से चार लोग और भी थे।

 

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Patna Lockdown: 89 कंटेनमेंट जोन में आवागमन ठप, यहां पढ़ें लॉकडाउन से जुड़े सवाल व उनके जवाब

Dainik Jagran - 12 hours 8 min ago

पटना, जेएनएन। कोरोना को हराने के लिए पटना में शुक्रवार से लॉकडाउन लागू हो गया है। सात दिनों तक चलने वाले लॉकडाउन अवधि में अनिवार्य सेवा छोड़कर बाकी सभी सरकारी-गैर सरकारी कार्यालय बंद करने के निर्देश हैं। दवा, दूध-ब्रेड, किराना, सब्जी-फल व मीट-मछली आदि अनिवार्य सेवा से जुड़ीं दुकानें छोड़कर बाकी दुकानें व बाजार बंद दिखाई दे रहे हैं। रेल और बस के साथ हवाई सेवाएं भी जारी हैं। गाडिय़ों के आवागमन पर रोक नहीं है हालांकि चौक-चौराहों पर पूरी सख्ती दिख रही है। मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। पटना के 89 कंटनेमेंट जोन में गाडिय़ों के आवागमन पर भी रोक का असर दिख रहा है। दो पालियों में सात गश्ती और सात स्टैटिक बल की तैनाती की गई है। इनके साथ 28 दंडाधिकारियों को प्रतिनियुक्ति किया गया है।

सड़कों पर पसरा सन्नाटा

लॉकडाउन होने के बाद पटना की व्यस्ततम सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही कम ही दिखाई पड़ रही है। चौराहों पर इक्का-दुक्का लोग नजर आ रहे हैं। मॉर्निंक वॉक करने वालों को छूट है। ऐसे में चिड़ियाघर में सुबह लोग सैर करते हुए दिखाई दिए। अधिकतक लोग सब्जी व अन्य जरूरी सामानों को खरीदने के लिए बाहर निकले हैं। इस दौरान कहीं-कहीं पुलिस गश्त करती नजर आ रही है।

लॉकडाउन से जुड़े सवाल व उनके जवाब

लॉक डाउन की अवधि में कर्प्यू लागू है?

हां। रात्रि दस बजे से से सुबह पांच बजे तक कफ्र्यू की अवधि निर्धारित है।

वाहन का उपयोग किया जा सकता है?

अति आवश्यक सेवाओं के लिए वाहन का उपयोग किया जा सकेगा। सामानों का क्रय आसपास के दुकानों से ही करें। मास्क पहनना एवं सोशल डिस्टेंङ्क्षसग का अनुपालन अनिवार्य होगा।

रेल, विमान, सार्वजनिक परिवहन सेवा जारी रहेगी?

रेल सेवा, विमान सेवा, सार्वजनिक बस सेवा जारी रहेगी। यात्रियों को अपने गंतव्य स्थल तक जाने के लिए पास की आवश्यकता नहीं है। वे अपने टिकट को पास के रूप में उपयोग कर सकेंगे।

दुकान खुलने के लिए समय निर्धारित है?

फल-सब्जी, मीट एवं मछली की दुकानें सुबह छह से दस बजे तक और शाम चार से सात बजे तक खुलेगी। शेष आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पूर्व की भांति अपने निर्धारित अवधि में खुली रहेंगी। दवा की दुकानें दिन-रात खुली रह सकती है।

होम डिलीवरी के लिए पास की जरूरत होगी?

होम डिलीवरी करने वालों के लिए पास की आवश्यकता नहीं होगी। संस्थान का पहचान पत्र रखना होगा। मास्क पहनना अनिवार्य होगा ।

क्या होटल, बैंक्वेट हॉल खुलेंगे?

होटल, बैंक्विट हॉल, मैरिज हॉल खुले रहेंगे पर समारोह में अधिकतम 50 व्यक्ति ही सम्मिलित हो सकेंगे। उल्लंघन पर हॉल प्रशासन पर कार्रवाई होगी।

      

क्या सरकारी कार्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे? 

लॉकडाउन के दौरान अनिवार्य सेवाओं को मुक्त रखा गया है। पुलिस, जिला प्रशासन, अग्निशमन, राजस्व प्राप्ति के कार्यालय, निबंधन, परिवहन सहित किसी सरकारी कार्यालय को अत्यावश्यक कार्यवश खोला जा सकता है।

लॉकडाउन की अवधि में औद्योगिक गतिविधियां एवं निर्माण कार्य जारी रहेगा?

औद्योगिक एवं निर्माण संबंधी गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेगी। कार्यस्थल पर पर्याप्त सैनिटाइजेशन की व्यवस्था तथा सभी कर्मियों के बीच सोशल डिस्टेंङ्क्षसग का पालन तथा मास्क का उपयोग अनिवार्य रहेगा। कार्यस्थल पर आवागमन के क्रम में आई कार्ड का उपयोग मान्य होगा।

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BPSC की न्यायिक सेवा व 65वीं मुख्य परीक्षा स्थगित, 15 तक 64वें मुख्य Exam का रिजल्ट संभव

Dainik Jagran - 12 hours 28 min ago

पटना, जेएनएन। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के चलते बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने जुलाई व अगस्त में प्रस्तावित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि 65वीं संयुक्त मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा 4, 5 और 7 अगस्त को प्रस्तावित थी। जबकि  31वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 9 अगस्त को होनी थी।

वेबसाइट के संपर्क में रहने की सलाह

परीक्षा की नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को वेबसाइट के संपर्क में रहने की सलाह दी है। सहायक अभियंता (असैनिक, विद्युत व यांत्रिक) प्रतियोगिता परीक्षा पूर्व में ही स्थगित की जा चुकी है। बता  दें कि शुक्रवार यानी आज से जारी हो रहे लॉकडाउन के कारण बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) कार्यालय सामान्य कार्य के लिए बंद रहेगा। 

64वीं मुख्य परीक्षा का रिजल्ट नहीं होगा प्रभावित

बीपीएससी कार्यालय शुक्रवार से जिले में जारी लॉकडाउन के कारण सामान्य कार्य के लिए बंद रहेगा। लेकिन, 64वीं मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा के रिजल्ट का प्रकाशन 15 जुलाई के आसपास सुनिश्चित करने के लिए चिह्नित कर्मचारियों को कार्यालय आने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों की मानें तो राज्य के विभिन्न विभागों में 1400 से अधिक पदों के लिए आयोजित मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट 15 के आसपास जारी कर दिया जाएगा। 19 जुलाई को आयोग के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। 

 

बढ़ रहे कोरोना के मामले

गौरतलब हो कि बिहार में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अब आलम ये है कि रोजाना राज्य के अलग-अलग शहरों से सात सौ से अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। बिहार की राजधानी की बात करें तो यहां सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। पटना में अबतक 1400 से अधिक कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें 15 से ज्यादा की मौत हो चुकी है।

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